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हुसूल इंसाफ़ के लिए अवामी जद्द-ओ-जहद करने की ज़रूरत

हैदराबाद 14 जनवरी : हिन्दुस्तान किसी एक तबक़ा की जागीर नहीं है बल्के मुल्क में बसने वाले तमाम मज़ाहिब के मानने वालों को यकजा करने के बाद हिन्दुस्तान बनता है ।

हैदराबाद 14 जनवरी : हिन्दुस्तान किसी एक तबक़ा की जागीर नहीं है बल्के मुल्क में बसने वाले तमाम मज़ाहिब के मानने वालों को यकजा करने के बाद हिन्दुस्तान बनता है ।

इक्कीसवीं सदी मुसलमानों की सदी होगी और बगै़र इस्लाम के हिन्दुस्तान का तसव्वुर भी नहीं किया जा सकता । साबिक़ मर्कज़ी वज़ीर मनी शंकर एयर ने आज बेक़सूर नौजवानों की गिरफ़्तारीयों और हिरासानी के ख़िलाफ़ मुनाक़िदा तीसरे क़ौमी कनवेनशन से ख़िताब के दौरान इन ख़्यालात का इज़हार किया ।

उन्हों ने बताया कि उन के पास अक्सरीयत-ओ-अक़ल्लीयत की इस्तिलाह कुछ और है । उन्हों ने कहा कि हिन्दुस्तान में दो बड़ी आबादीयां रहती हैं जिन में एक अक्सरीयत और एक अक़ल्लीयत है । अक्सरीयत वो आबादी है जो सेक्युलर है और अक़ल्लीयत ग़ैर सेक्युलर अफ़राद पर मुश्तमिल है ।

मनी शंकर एयर ने बताया कि मज़हबी एतबार से अक्सरीयत-ओ-अक़ल्लीयत का तसव्वुर अलहदा है लेकिन हिन्दुस्तान की हिफ़ाज़त में हिन्दुस्तान की अक्सरीयत (सेक्युलर ) क़ौम का अहम किरदार है । उन्हों ने बताया कि इस मुल्क में बसने वाले मुसलमानों और हनदोव‌ के दरमयान एक फ़र्क़ है ।

इस मुल्क के मुसलमानों के लिए एक मौक़ा था और उन्हें पाकिस्तान चले जाने की इजाज़त हासिल थी । लेकिन इस मुल्क के मुसलमानों ने हिज्रत से इनकार कर दिया और हिन्दुस्तान से अपनी मुहब्बत का सबूत दिया ।

जबके हिन्दुस्तान को एसा कोई मौक़ा हासिल नहीं था जिस की वजह से ये कहा जा सकता है कि मुसलमानों ने हिन्दुस्तान में क़ियाम का इंतिख़ाब किया जबके हनदोव‌ को इस के अलावा कोई चारा नहीं था ।

उन्हों ने बताया कि हमें अपने पड़ोसीयों से ताल्लुक़ात बेहतर बनाने चाहिये चूँके बाअज़ दहश्तगरदों के मुआमलात से जोड़ कर पड़ोसी ममालिक के शहरीयों को वीज़ा जारी ना करना उन पर ज़ुलम के मुतरादिफ़ है । चूँकि दहश्तगर्द कभी वीज़ा लेकर मुल्क में दाख़िल नहीं हुए ।

क़ौमी सतह के इस तीसरे कनवेनशन में ए बी बर्धन मुहम्मद अदीब रुकन पार्लीमैंट अतुल कुमार अंजान जनाब ज़ाहिद अली ख़ान एडीटर रोज़नामा सियासत मनीषा शेट्टी अजीत साही डाक्टर के ना रावना बीवी राघवल्लू डाक्टर मज़हर हुसैन सय्यद अज़ीज़ पाशाह एल रवी चंद्रा मेजर कादरी सय्यद फ़ैसल अली ग्रुप एडीटर रोज़नामा राष्ट्रीय सहारा पी मधु मौलाना सय्यद तारिक़ कादरी ख़ालिद रसूल ख़ां आदिल मुहम्मद नानक सिंह नशतर के अलावा हामिद मुहम्मद ख़ान महमूद अली मुहम्मद इक़बाल-ओ-दीगर मौजूद थे ।

साबिक़ मर्कज़ी वज़ीर मनी शंकर अर ने बताया कि आज हिन्दुस्तान में मौजूद मुस्लिम आबादी पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की मुस्लिम आबादी से ज़्यादा है । उन्हों ने वाज़िह किया कि जब तक इंसाफ़ को यक़ीनी नहीं बनाया जाता उस वक़्त तक जमहूरीयत की बक़ा का दावा नहीं किया जा सकता।

मनी शंकर ने मर्कज़ी हुकूमत से मुतालिबा किया कि बेक़सूर गिरफ़्तार नौजवानों को रहा करने के इक़दामात करे और उन्हें सनद दें कि ये बेक़सूर हैं उन पर लगाए गए इल्ज़ामात झूटे साबित होचुके हैं। इस के साथ साथ इन नौजवानों की बाज़ आबादकारी के लिए इक़दामात किए जाएं ।

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