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हैदराबाद-ओ-अज़ला में उर्दू दानीज़बान दानी इमतेहानात का कामयाब इनइक़ाद

इदारा सियासत के ज़ेर-ए-एहतेमाम चलाए जाने वाले आबिद अली ख़ान एजूकेशनल ट्रस्ट की तरफ़ से दोनों शहरों हैदराबाद-ओ-सिकंदराबाद तेलंगाना-ओ-आंध्र के इलावा कर्नाटक-ओ-मरहटवाड़ा ने उर्दू की तरक़्क़ी-ओ-तरवीज के लिए जारी मसाई के एक हिस्सा के तौर

इदारा सियासत के ज़ेर-ए-एहतेमाम चलाए जाने वाले आबिद अली ख़ान एजूकेशनल ट्रस्ट की तरफ़ से दोनों शहरों हैदराबाद-ओ-सिकंदराबाद तेलंगाना-ओ-आंध्र के इलावा कर्नाटक-ओ-मरहटवाड़ा ने उर्दू की तरक़्क़ी-ओ-तरवीज के लिए जारी मसाई के एक हिस्सा के तौर पर उर्दू दानी-ओ-ज़बान दानी के इमतेहानात का कामयाब इनइक़ाद अमल में आया।

उन इमतेहानात में हज़ारों तलबा-ए-ओ- तालिबात के अलावा उम्र रसीदा ख़वातीन-ओ-मर्द हज़रात और चंद ग़ैर मुस्लिम लड़के-ओ-लड़कीयों ने भी शिरकत की।

उर्दू के सरकरदा स्कालरस प्रोफेसर्स जहद कारों और दुसरे अहम शख़्सियात ने मुख़्तलिफ़ मराकिज़ इमतेहान का मुआइना किया और उर्दू की तरक़्क़ी-ओ-तरवीज के लिए एडीटर सियासत ज़ाहिद अली ख़ान की मुख़लिसाना मसाई की भरपूर सताइश की।

उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में जहां नई नसल अंग्रेज़ी ज़बान को तर्जीह दे रही है वहीं ज़ाहिद अली ख़ान ने दूर अंदेशी को मल्हूज़ रखते हुए नई नसल को उर्दू ज़बान की तालीम की फ़राहमी के लिए क़दम उठाया है। ज़ाहिद अली ख़ान की क़ियादत में कारवाँ उर्दू अपनी मनाज़िल तए कररहा है।

उर्दू की शम्मा रोशन रखने का तमाम तर क्रेडिट ज़ाहिद अली ख़ान के अलावा इदारा सियासत के तहत चलाए जाने वाले आबिद अली ख़ान एजूकेशनल ट्रस्ट के दुसरे ज़िम्मेदारों को जाता है बदलते रुजहानात के इस पुरआशूब दौर में उर्दू ज़बान की हिफ़ाज़त के लिए हर वो इक़दाम करने तैयार हैं जोकि उर्दू की तरक़्क़ी-ओ-तरवीज के लिए बेहतर साबित होसके इन ख़्यालात का इज़हार सेंटरज़ का मुआइना करने वालों ने किया।

आबिद अली ख़ां एजूकेशनल ट्रस्ट ( इदारा सियासत) बह तआवुन इदारा अदबीयात उर्दू पंजागुट्टा हैदराबाद इबतेदाई उर्दू की तालीम का आग़ाज़ गरमाई तातीलात में जो 1994 किया गया उर्दू दानी ज़बान दानी इंशा-ए-के इमतेहानात तहरीर होते हैं ट्रस्ट के तरफ से सवालात-ओ-जवाबी ब्याज़ और हाल टिक्टस जारी होते हैं।

साल हाल जून हैदराबाद-ओ-सिकंदराबाद तादाद (4552) अज़ला आंध्र ‍ओ‍ तेलंगाना में (3081) दुसरे रियासतों में (1730) जुमला तादाद (9363) शरीक इमतेहान हुए उर्दू तालीम को आम करने ट्रस्ट के ज़ेरे एहतेमाम सैंकड़ों इदारों ने इस नज़म को अपना कर हौसलाअफ़्ज़ाई की।

महबूब हुसैन जिगर हाल अहाता रोज़नामा सियासत में मुनाक़िदा इमतेहानी मर्कज़ का मुआइना ज़हीरुद्दीन अली ख़ान सेक्रेटरी आबिद अली ख़ान एजूकेशनल ट्रस्ट प्रोफेसर मुहम्मद अनवरुद्दीन साबिक़ सदर शोबा उर्दू यूनीवर्सिटी आफ़ हैदराबाद प्रोफेसर एसए शकूर मोतमिद इदारा अदबीयात उर्दू मुनव्वर ख़ातून डायरेक्टर अशर्फ़ उल-मदारिस प्रोफेसर अतहर सुलताना सदर शोबा उर्दू तेलंगाना यूनीवर्सिटी मूसा इक़बाल तेलंगाना यूनीवर्सिटी प्रोफेसर नाज़िम अली प्रिंसिपल मोड़ताड़ डिग्री कॉलेज ज़िला निज़ामबाद सुलताना अख़तर सदर शोबा उर्दू विनीता महा विध्या उम्र बन हुसैन बावज़ीर(रिसर्च स्कालर मानव) अमरनाथ (रिसर्च स्कालर) टीम के अरकान का मजमूई तास्सुर ये था कि आबिद अली ख़ां एजूकेशनल ट्रस्ट के ज़ेरे एहतेमाम मुनाक़िद होने वाले उर्दू दानी ज़बान दानी और इंशा-ए-के ये इमतेहानात आज की नसल को जो इंग्लिश मीडियम या किसी और मीडियम से तालीम हासिल कर रही है और जो लोग उर्दू से बिलकुल ही नाबलद हैं उन को उर्दू ज़बान की मीठास-ओ-शीरीनी से रोशनाश कराने में बुनियादी और अहम कारनामा अंजाम दे रहे हैं।

इन इमतेहानात में एसे तलबा भी शरीक हैं जो दिन रात मेहनत-ओ-मज़दूरी करते हैं और जिन के माँ बाप ग़ुर्बत की वजह से अपने बच्चों को स्कूल में दाख़िला नहीं दिलवा सकते।

उन इमतेहानात में कमसिन बच्चों और बच्चीयों के अलावा उम्र रसीदा मर्द-ओ-ख़वातीन और ग़ैर मुस्लिम मर्द-ओ-ख़वातीन भी शिरकत कर रहे हैं।

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