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हैदराबाद का शूटर शफाथ अली, बिहार में कर रहा नीलगाय का शिकार

मोकामा : बिहार में नीलगाय की शिकार सरकार करा रही है। JDU के विधान पार्षद नीरज कुमार की पहल पर हैदराबाद से शूटर बुलाए गए हैं। ये शूटर नीलगाय को देखते ही गोली मार देते हैं। पटना जिले के मोकामा में चल रहे इस शिकार के चलते विवाद शुरू हो गया है। मेनका गांधी ने कहा- नीलगायों को
वन जीवों के संरक्षण के लिए काम करने वाली केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि बिहार में हैदराबाद के शूटर नीलगायों को मार रहे हैं। यह बहुत गलत है। हैदराबाद के शूटर कभी बिहार तो कभी दूसरों राज्यों में नीलगायों को ठेका लेकर मारते हैं। वहीं, पर्यावरण व वन विभाग के मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कानून के अनुसार ही नीलगायों का मारा जा रहा है। राज्य सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र ने इसकी स्वीकृति दी है।

किसानों द्वारा मेहनत से उगाई गई फसलों को बर्बाद करने वाले नीलगायों के खिलाफ मोकामा टाल (गंगा नदी के किनारे का क्षेत्र) में अभियान शुरू किया गया है। हैदराबाद से आए शूटर नीलगायों के सफाए और उनको जंगली इलाकों में खदेड़ने के अभियान में जुटी है। अब तक 250 से अधिक नीलगायों को मारा जा चुका है और 1000 से अधिक को जंगल में खदेड़ा जा चुका है। मोकामा में नीलगाय का आतंक है। नीलगाय के झुंड यहां के दलहनी, खरीफ तथा रबी फसलों के अलावा सब्जियों की खेती को बर्बाद कर देते हैं।
हैदराबाद से आए शूटर नवाब शफाथ अली खान बताते हैं कि बिहार में नीलगाय का प्रभाव गंगा के मैदानी इलाकों में ज्यादा है। यहां उर्वर जमीन होने के कारण अच्छी फसल होती है और नीलगाय की संख्या को नियंत्रित करने का कभी प्रयास नहीं होने के कारण नीलगाय की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है। एक अनुमान के मुताबिक मोकामा टाल में 10 हजार से अधिक नीलगाय हैं और सालाना लाखों रुपए की फसलों का नुकसान करते हैं। मादा नीलगायों को नहीं मारा जा रहा है सिर्फ नर नील गायों को निशाना बनाया जाता है। गौरतलब है कि नवाब शफाथ अली खान हैदराबाद के शाही घराने से आते हैं और बिहार में मुख्य वन्यजीव संरक्षक के सलाहकार होने के साथ-साथ आदमखोर जंगली जानवरों के शिकार के प्रसिद्ध हैं।

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