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हैदराबाद की नुमाइश को दुनिया में सब से तवील मुद्दत से जारी रहने का एज़ाज़

आसिफ़ जाहि हुकमरानों बिलख़सूस नवाब मीर महबूब अली ख़ां बहादुर और आसिफ़ साबह नवाब मीर उसमान अली ख़ां बहादुर अपनी रियाया पर्वरी ,अवाम दोस्ती और हैदराबाद दक्कन की तरक़्क़ी-ओ-ख़ुशहाली के लिये किए गए अपने इक़दामात के अनमिट नुक़ूश छोड

आसिफ़ जाहि हुकमरानों बिलख़सूस नवाब मीर महबूब अली ख़ां बहादुर और आसिफ़ साबह नवाब मीर उसमान अली ख़ां बहादुर अपनी रियाया पर्वरी ,अवाम दोस्ती और हैदराबाद दक्कन की तरक़्क़ी-ओ-ख़ुशहाली के लिये किए गए अपने इक़दामात के अनमिट नुक़ूश छोड़ गए हैं । आसिफ़ जाहि हुकमरानों के तामीर करदा पराजेक्टस क़ायम करदा इदारों और शुरू करदा रिवायात से आज भी अवाम बिला लेहाज़ मज़हब-ओ-मिल्लत मुस्तफ़ीद होरहे हैं ।

हुज़ूर निज़ाम नवाब मीर उसमान अली ख़ां बहादुर ने हर इस काम की भरपूर सरपरस्ती की जो मुल्क -ओ-क़ौम के लिये फ़ायदेमंद हो ।सनअती नुमाइश उस की एक अच्छी मिसाल है । 1938 में हुज़ूर निज़ाम नवाब मीर उसमान अली ख़ां की सरपरस्ती में शुरू करदा नुमाइश मसनूआत मुल्की आज नुमाइश के नाम से सारी दुनिया में मशहूर है ।

हैदराबाद की तरक़्क़ी-ओ-ख़ुशहाली का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि आज दुबई शॉपिंग फेस्टीवल और मुल्क -ओ-बैरून मुल्क ट्रेड फेयर के नाम से जो तिजारती नुमाइश लगाई जाती हैं वो काम फेस्टीवल या ट्रेड फेर हैदराबाद दक्कन में 73 बरस क़्ब्ल अंजाम दिया जा चुका है जो आज नुमाइश की शक्ल में मौजूद है । तारीख़ी शहर हैदराबाद की तारीख़ी नुमाइश को दुनिया की तवील अर्सा तक जारी रहने वाली नुमाइश का एज़ाज़ हासिल है ।

आप को याद दिला दें कि 1938 में इस नुमाइशकी 50-100 स्टालस के साथ बाग़ आम्मा में उस्मानिया ग्रैजूएटस असोसी एष्ण ने शुरूआत की थी और हुज़ूर निज़ाम नवाब मीर उसमान अली ख़ां बहादुर ने ब नफ़स नफीस ना सिर्फ़ नुमाइश मसनूआत मुल्की ( नुमाइश ) का इफ़्तिताह अंजाम दिया बल्कि उमरा-ए-ओ-वुज़रा और अरकान शाही ख़ानदान के हमराह स्टालस का मुशाहिदा भी किया था ।

राक़िम उल-हरूफ़ ने यक्म जनवरीता 15 फरवरी जारी रहने वाली नुमाइश के बारे में नुमाइश सुसाइटी के सेक्रेटरी मिस्टर आर सुकेश रेड्डी से बात की । उन्हों ने नुमाइश की तारीख पर रोशनी डालते हुए बताया कि 73 साल क़्ब्ल नुमाइश मसनूआत मुल्की की हैसियत से शुरू हुई ये नुमाइश सारे हिंदूस्तान में बहुत मक़बूल है ।

1948 में इस का नाम नुमाइश मसनूआत मुल्की से बदल कर कुल हिंद सनअती नुमाइश रखा गया और उस वक़्त आज़ाद हिंदूस्तान के गवर्नर जनरल मिस्टर सी राज गोपाल चारी ने इफ़्तिताह अंजाम दिया । मिस्टर सुकेश रेड्डी ने बताया कि नुमाइश में सारफ़ीन को घरेलू अशिया-से लेकर हर किस्म की इलक्टरानिक अशिया आई टी प्रॉडक्ट्स तामीराती अशिया जिवलरी कालीन ,मलबूसात , सामान आराइश ग़रज़ हमा इक़साम की अशिया दस्तयाब रहेंगी ।

यक्म जनवरी से सहपहर 4 बजे ता रात साढे़ दस बजे तक नुमाइश के औक़ात रहेंगे जब कि हफ़्ता इतवार और तातीलात के दौरान रात 11 बजे तक नुमाइश खुली रहेगी । मिस्टर सुकेश रेड्डी के मुताबिक़ कश्मीर , उत्तरप्रदेश , दिल्ली , टामिलनाडो , राजिस्थान , केराला , मध्य प्रदेश ,हरियाणा , पंजाब , कर्नाटक के सनअती-ओ-तिजारती इदारों के इलावा मुल्क की मशहूर-ओ-मारूफ़ कंपनियां अपने स्टालस लगा रही हैं ।

उम्मीद है कि इस मर्तबा बिज़नस में ग़ैर मामूली इज़ाफ़ा होगा । बैरूनी रियासत के ताजरीन और सनअत कारों में नुमाइश के ताल्लुक़ से ग़ैर मामूली जोश-ओ-ख़ुरोश पाया जाता है जब कि सुसाइटी बच्चों की तफ़रीह तबा के लिये झूलों का एक अलहदा पवेलीयनस रखती है इसी तरह सरकारी महिकमा बशमोल पुलिस के स्टालस भी अवाम की तवज्जा अपनी जानिब राग़िब करने में कामयाब रहते हैं ।

नुमाइश की एक ख़ास बात ये है कि मुख़्तलिफ़ दिनों में मुशाएरों अदबी महफ़िलों और मज़ाहीया प्रोग्रामों का इनइक़ाद अमल में लाया जाता है । ग़ज़ल की महफ़िल भी सजाई जाती है । नुमाइश में अवाम को तफ़रीह का मुक़ाम फ़राहम होने के साथ साथ हैदराबाद के लज़ीज़ डिशेस खाने का भी मौक़ा मिलेगा खासतौर पर हलीम और बिरयानी पेश की जाएगी ।।

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