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हैदराबाद पर गवर्नर के इख़्तियारात के सी आर और नायडू में सरद जनग

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश रियासतों के क़ियाम के बाद दोनों रियास्तों के चीफ़ मिनिस्टर्स के दरमयान मुख़्तलिफ़ उमूर में बरतरी के लिए मुसाबिक़त का आग़ाज़ होचुका है।

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश रियासतों के क़ियाम के बाद दोनों रियास्तों के चीफ़ मिनिस्टर्स के दरमयान मुख़्तलिफ़ उमूर में बरतरी के लिए मुसाबिक़त का आग़ाज़ होचुका है।

दोनों रियासतों के लिए ज़ाइद फंड्स के हुसूल और दुसरे मुआमलात में आंध्र प्रदेश के चीफ़ मिनिस्टर चंद्रबाबू नायडू को तेलंगाना चीफ़ मिनिस्टर चन्द्रशेखर राव‌ पर सबक़त हासिल है चूँकि तेलुगु देशम पार्टी मर्कज़ में बरसर-ए-इक्तदार एन डी ए की हलीफ़ जमात है लिहाज़ा चंद्रबाबू नायडू इस सूरते हाल का फ़ायदा उठाते हुए मर्कज़ से अपने मुतालिबात मनवाने में कामयाब दिखाई दे रहे हैं।

हैदराबाद में अमन-ओ-ज़बत की सूरते हाल के मसले पर गवर्नर के इख़्तियारात में इज़ाफ़ा और ज़िला खम्मम के 7 मंडलों के आंध्र प्रदेश में इंज़िमाम के सिलसिले में चंद्रबाबू नायडू की हिक्मते अमली कामयाब हुई जबकि चन्द्रशेखर राव‌ इन दोनों मसाइल पर मर्कज़ से बेहतर रद्द-ए-अमल हासिल करने में नाकाम रहे।

रियासत आंध्र प्रदेश की तक़सीम के सिलसिले में पार्लियामेंट में मनज़ोरा बिल के मुताबिक़ हैदराबाद 10 बरसों तक दोनों रियासतों का मुशतर्का दारुल हुकूमत रहेगा। लिहाज़ा मर्कज़ ने हैदराबाद में अमन-ओ-ज़बत की सूरत-ए-हाल और दुसरे अहम उमूर में गवर्नर को ज़ाइद इख़्तियारात देने का फ़ैसला किया है ताकि हैदराबाद में क़ियाम करने वाले सीमांध्रई अफ़राद के तहफ़्फ़ुज़ को यक़ीनी बनाया जा सके।

मर्कज़ की तरफ से गवर्नर को ज़ाइद इख़्तियारात तफ़वीज़ करते हुए एक सरकूलर तेलंगाना हुकूमत को जारी किया गया जिस में ज़ाइद इख़्तियारात की वज़ाहत की गई। मर्कज़ के फ़ैसले के मुताबिक़ मुशतर्का दारुल हुकूमत के हदूद में अमन-ओ-ज़बत से मुताबिक़ किसी भी मसले पर गवर्नर का फ़ैसले क़तई होगा, ताहम फ़ैसले से पहले गवर्नर हुकूमत से मुशावरत करसकते हैं।

ताहम वो हुकूमत की राय क़बूल करने के पाबंद नहीं होंगे। आंध्र प्रदेश के चीफ़ मिनिस्टर चंद्रबाबू नायडू ने गवर्नर के ज़ाइद इख़्तियारात के सिलसिले में मर्कज़ से नुमाइंदगी की थी। उन्होंने मर्कज़ को मकतूब रवाना करते हुए ख़ाहिश की थी कि अमन-ओ-ज़बत की सूरते हाल , पुलिस कमिश्नर्स के तक़र्रुर और पुलिस ओहदेदारों के तबादलों जैसे मुआमलात में गवर्नर को मुकम्मिल इख़्तियारात दिए जाएं।

हैदराबाद में बसने वाले सीमांध्रई अवाम के जन-ओ-माल के तहफ़्फ़ुज़ को यक़ीनी बनाने के लिए ज़ाइद इख़्तियारात की मांग की गई । चंद्रबाबू नायडू ने इस सिलसिले में वज़ीर-ए-आज़म को मकतूब रवाना किया।

बताया जाता हैके चंद्रबाबू नायडू के मुतालिबा के तहत मर्कज़ ने गवर्नर को ज़ाइद इख़्तियारात दिए जाने का फ़ैसला किया, जिस पर तेलंगाना के चीफ़ मिनिस्टर के चन्द्रशेखर राव‌ ने शदीद रद्द-ए-अमल का इज़हार किया है। चीफ़ मिनिस्टर तेलंगाना ने इस फ़ैसले की मुख़ालिफ़त के लिए पार्टी अरकान-ए-पार्लियामेंट को हिदायत दी है।

मर्कज़ी होम सेक्रेटरी अनील गोस्वामी की तरफ से इस मसले पर तेलंगाना हुकूमत की राय तलब की गई है। चीफ़ मिनिस्टर इस सिलसिले में मर्कज़ को अपनी राय रवाना करते हुए ज़ाइद इख़्तियारात की मुख़ालिफ़त करेंगे। उन्होंने पार्टी अरकान पार्लियामेंट को हिदायत दी कि वो पार्लियामेंट मीटिंग के दौरान पोलावरम आर्डीनेंस और गवर्नर के इख़्तियारात की मुख़ालिफ़त करें।

तेलंगाना हुकूमत का कहना हैके गवर्नर को ज़ाइद इख़्तियारात से तेलंगाना हुकूमत के हुक़ूक़ और मुराआत में मर्कज़ की रास्त मुदाख़िलत होगी।

चंद्रबाबू नायडू ने सिटी पुलिस कमिशनर , डिप्टी कमिशनर अन्न और अस्सिटेंट कमिशनर उनके तक़र्रुर का इख़तियार गवर्नर को सौंपने की मांग की। दूसरी तरफ़ पोलावरम आर्डीनेंस के मसले पर भी तेलंगाना हुकूमत बेहतर मौक़िफ़ में आचुकी है। खम्मम के 7 मंडलों को आंध्र प्रदेश में ज़म करते हुए हाल ही में जारी करदा आर्डीनेंस को क़ानून की शक्ल देने के लिए मर्कज़ ने पार्लियामेंट में बिल पेश करने का फ़ैसला किया है।

बताया जाता हैके मर्कज़ी हुकूमत ने स्पीकर लोक सभा से पोलावरम आर्डीनेंस बिल की पेशकशी की इजाज़त तलब की है। तवक़्क़ो है के 8 जुलाई को पार्लियामेंट में बिल पेश किया जाएगा। इसी दौरान टी आर एसने लोक सभा बिज़नेंस रोल 72 के तहत नोटिस देते हुए मज़कूरा बिल की मुख़ालिफ़त की है। टी आर एस के रुकने पार्लियामेंट विनोद कुमार ने दावा किया कि टी आर एस की मुख़ालिफ़त को देखते हुए मर्कज़ बिल पेश करने का फ़ैसला वापिस ले सकता है। दूसरी तरफ़ हुकूमत के ज़राए का कहना हैके सदर जमहूरीया की तरफ से बिल की मंज़ूरी में ताख़ीर के सबब पार्लियामेंट में पीशकशी में ताख़ीर हुई।

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