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हैदराबाद भी बहू आयामी और बहू भाषी शहर में तब्दील

हैदराबाद 17 जुलाई, ( सियासत न्यूज़) 400साला क़दीम तारीख़ का हामिल शहर हैदराबाद वक़्त के साथ साथ अपनी जुग़राफ़ियाई, सक़ाफ़्ती, रिवायती, आबादियाती, मआशी, इलाक़ाई और लिसानी हईयत तरकीबी के एक उबूरी दौर से गुज़र रहा है। इस शहर पर मुख़्तलिफ

हैदराबाद 17 जुलाई, ( सियासत न्यूज़) 400साला क़दीम तारीख़ का हामिल शहर हैदराबाद वक़्त के साथ साथ अपनी जुग़राफ़ियाई, सक़ाफ़्ती, रिवायती, आबादियाती, मआशी, इलाक़ाई और लिसानी हईयत तरकीबी के एक उबूरी दौर से गुज़र रहा है। इस शहर पर मुख़्तलिफ़ इलाक़ाई ग्रुपस के दावे और जवाबी दाव का सिलसिला जारी है।

आबादी में इज़ाफ़ा और दीगर इलाक़ों से अवाम की आमद के सबब दीगर मेट्रो पोलीटन शहरों की तरह हैदराबाद भी एक हमा जहती और हमा लिसानी शहर में तबदील होचुका है, जहां बैयक वक़त मुख़्तलिफ़ तहज़ीब-ओ-सक़ाफ़्त से वाबस्ता कई मज़ाहिब के मानने वाले मौजूद हैं।

टाटा इंस्टीटियूट आफ़ सोश्यल साइंसिस और ब्रिटिश डिप्टी हाई कमीशन हैदराबाद की जानिब से आज मुनाक़िदा एक वर्कशॉप में मुक़र्ररीन ने इन ख़्यालात का इज़हार किया। वर्कशॉप का मौज़ू हैदराबाद ता साइबर आबाद बदलती तहज़ीब, मज़ाहिब और शहरी आबादी था।

प्रोफ़ैसर अर्जुन अप्पा दोराय ( न्यूयार्क यूनीवर्सिटी ) ने इफ़्तिताही ख़िताब किया। जिस में उन्हों ने मुंबई और हैदराबाद में बदलती सूरत-ए-हाल, मुख़्तलिफ़ तहज़ीब-ओ-सक़ाफ़्त के यकजा होने पर सैर हासिल लेक्चर दिया। उन्हों ने बताया कि मुंबई में ज़बानों के साथ साथ अवाम में ख़वांदगी की नौईयत भी अलहदा है।

प्रोफ़ैसर अप्पा दोराय ने मुख़्तलिफ़ ज़बान, इलाक़े,तहज़ीब और मज़ाहिब की इजतिमाईयत का ज़िक्र करते हुए कहा कि इन तमाम की मौजूदगी के बावजूद मुंबई की अलहदा शनाख़्त बरक़रार है। उन्हों ने कहा कि फ़िल्म इंडस्ट्री कभी मुंबई सिनेमा की हैसियत से जानी जाती थी लेकिन अब उसे बाली वुड कहा जाने लगा है।

फ़िल्म इंडस्ट्री पर भी मुख़्तलिफ़ मज़ाहिब और कल्चर का देखा जा रहा है।उन्हों ने इस सिलसिला में जावेद अख़तर, मजरूह सुलतान पूरी और ख़ान ऐक्ट्रस का तज़किरा किया। इन का कहना था कि मुंबई और हैदराबाद जैसे बड़े शहर लाज़िमी कासमोपोलेटिन सिस्टम के साथ फैल रहे हैं।

उन्हों ने कहा कि हैदराबाद की तरक़्क़ी मंसूबा बंद अंदाज़ में हुई है और यहां माहौलियात और दूसरे शोबों में दीगर शहरों के मुक़ाबला काफ़ी तबदीली देखी जा सकती है। बर्तानिया के डिप्टी हाई कमिशनर मुतय्यना हैदराबाद अंडरव माईक एलेस्टर ने ख़ौरमक़दम करते हुए कहा कि हैदराबाद और बर्तानिया के रवाबित की एक क़दीम तारीख़ है।

उन्हों ने कहा कि लंदन की तरह हैदराबाद भी मुख़्तलिफ़ मज़ाहिब, तहज़ीब और ज़बानों का मर्कज़ है। यहां की तहज़ीब और खासतौर पर मेहमान नवाज़ी अपनी मिसाल आप है। प्रोफ़ैसर लक्ष्मी लिंगम डिप्टी डायरैक्टर टाटा इंस्टीटियूट आफ़ सोश्यल साइंसेस हैदराबाद ने सदारत की।

उन्हों ने बताया कि हैदराबाद के मुख़्तलिफ़ पहलू पर तहक़ीक़ के लिए यहां स्टडी सैंटर के क़ियाम की तजवीज़ है। उन्हों ने आंध्र प्रदेश हुकूमत के इश्तिराक से जारी मुख़्तलिफ़ पराजेक्टस की तफ़सीलात पेश की।

दो रोज़ा वर्कशॉप में हैदराबाद की मुख़्तलिफ़ यूनीवर्सिटीज़ के स्कालरस और तारीख़दां मुख़्तलिफ़ मौज़ूआत पर मक़ाले पेश करेंगे जिन में हैदराबाद की शादियां, ईरानी चाय, सक़ाफ़्ती विरसा, रेसेडिनशीयल कामपलेक्सेस, मीडीया, रईल स्टेट, यमन के हज़रमी ख़ानदानों की सुकूनत, दक्कनी तहज़ीब और दीगर मौज़ूआत शामिल हैं।

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