Wednesday , October 18 2017
Home / Hyderabad News / हैदराबाद में क़ुतुब शाहों और आसिफ़ जाहों के आसार ख़त्म करने की कोशिश

हैदराबाद में क़ुतुब शाहों और आसिफ़ जाहों के आसार ख़त्म करने की कोशिश

दोनों शहरों हैदराबाद और सिकंदराबाद में तारीख़ी इमारतों की ख़स्ताहाली को दूर करने और उन्हें तहफ़्फ़ुज़ फ़राहम करते हुए ऐयाम गुमगश्ता के आसार को महफ़ूज़ करने में हुकूमत को दिलचस्पी नहीं है या फिर हुकूमत के पास बजट मौजूद नहीं।

दोनों शहरों हैदराबाद और सिकंदराबाद में तारीख़ी इमारतों की ख़स्ताहाली को दूर करने और उन्हें तहफ़्फ़ुज़ फ़राहम करते हुए ऐयाम गुमगश्ता के आसार को महफ़ूज़ करने में हुकूमत को दिलचस्पी नहीं है या फिर हुकूमत के पास बजट मौजूद नहीं।
इस का अंदाज़ा लगाना मुश्किल है। चूँकि हुकूमत की लापरवाही से ऐसा महसूस होता है कि तारीख़ी शहर हैदराबाद में मौजूद क़ुतुब शाहों और आसिफ़ जाहों के आसार को ख़त्म करने की कोशिश में मसरूफ़ है लेकिन इस के बरअक्स ग़ैरमुल्की तंज़ीमें और कई ममालिक हैदराबाद की तारीख़ी इमारतों को तहफ़्फ़ुज़ फ़राहम करने में दिलचस्पी का मुज़ाहरा कर रही हैं।

ईरान, अमरीका के इलावा बर्तानवी हाई कमीशन की जानिब से शहर की तारीख़ी इमारतों के इलावा तहज़ीब का तहफ़्फ़ुज़ और मख़तूतात के तहफ़्फ़ुज़ के लिए दिखाए जाने वाली दिलचस्पी रियास्ती और मर्कज़ी हुकूमत और महकमा आसारे क़दीमा के मुँह पर तमांचा से कम नहीं चूँकि महकमा आसारे क़दीमा की जानिब से नजरअंदाज़ कर्दा तारीख़ी मुक़ामात और इमारतों के तहफ़्फ़ुज़ के लिए कौंसिलख़ाने आगे आ रहे हैं और हमारे मह्कमाजात ख़ाह वो महकमा सयाहत हो या फिर आसारे क़दीमा वो किसी किस्म की दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।

हैदराबाद की तारीख़ी इमारतों और तहज़ीबी विरसा के तहफ़्फ़ुज़ के लिए ईरान और अमरीकी कौंसिल ख़ाने प्रोजेक्ट तलाश कर रहे हैं और वो मुकम्मल तआवुन के ज़रीए इस तारीख़ी विरसा के तहफ़्फ़ुज़ के लिए कोशां हैं। बताया जाता है कि तारीख़ी इमारतों के तहफ़्फ़ुज़ के लिए कौंसिलख़ानों और हाई कमिशनेरीएट में ख़ुसूसी फंड्स मौजूद हैं जोकि प्रोजेक्ट की एहमीयत और तारीख़ी पसमंज़र को देखते हुए जारी किए जाते हैं।

ज़राए के बामूजिब तारीख़ी इमारतों के निगरान और ज़िम्मेदार रास्त कौंसिलख़ानों से रुजू होते हुए भी उन्हें तारीख़ी इमारत के तहफ़्फ़ुज़ के लिए दरख़ास्त दे सकते हैं।

आसारे क़दीमा का तहफ़्फ़ुज़ शहर में बसने वालों के वक़ार को ज़ाहिर करता है इसी लिए उन के तहफ़्फ़ुज़ की ज़िम्मेदारी हर शहरी पर आइद होती है लेकिन कोठी वुमेन्स कॉलेज के अहाता में वाक़े रेज़िडेन्सी की इमारत की ख़स्ताहाली के इलावा शहर के बेशतर इमारतों की सूरते हाल से इस बात का अंदाज़ा करना दुशवार नहीं कि शहरियाने हैदराबाद भी अपने तारीख़ी विरसा से लापरवाही बरतने लगे हैं जिस के नतीजा में हुकूमत ख़ामूशी से मुनज़्ज़म साज़िश के ज़रीए आसारे क़दीमा को मिटने के लिए छोड़ चुकी है।

TOPPOPULARRECENT