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होली पर खूब बिकी ‘प्रसाद’ के रूप में भांग

हैदराबाद। शहर में होली के मद्देनज़र शराब की दुकानें इस हफ्ते में दूसरी बार शनिवार को सोमवार तक बंद रहीं लेकिन होली पर ठेलागाड़ी और दुकानों पर ‘भांग’ के गिलास जमकर बिके। आबकारी अधिकारी भी भांग को ‘प्रसाद’ के रूप में बेचे जाने से हैरान रह गए। उत्पाद शुल्क विभाग के अधिकारियों ने स्थानीय इलाके में गांजा (ताजा या सूखे पत्ते) की आपूर्ति में कटौती करने का दावा किया था।

 
1985 एनडीपीएस अधिनियम में एक मादक पदार्थ के रूप में गांजे की परिभाषा पर अधिकारियों का कहना है कि यह संदर्भ सूखे पत्ते, बीज और कलियों के लिए है। भांग आमतौर पर हरे पत्तों से बनती हैं जो मादक पदार्थ की परिभाषा के तहत नहीं आती हैं। छत्तरी, बेगमबाजार में स्थित चिट्टू की दुकान मिर्ची, कचोरी और समोसे के लिए प्रसिद्ध है। वर्ष 1887 से होली के दौरान विशेष गुलाब जामुन, नारियल बर्फी, ठण्डाई (शीतल पेय) और स्पेशल बादाम ठंडाई बेचते हैं।

 

 

दुकान के मालिक भगवानदास ओझा का कहना है कि ग्राहक संतुष्ट होना चाहिए। होली पर उनके यहाँ हजारों गिलास ठंडाई बिकती हैं लेकिन हम इसमें नशीला (मादक) पदार्थ किसी भी रूप नहीं मिलाते हैं। हम ठंडाई में सूखे मेवे और दूध की सर्वोत्तम गुणवत्ता देते हैं। यही कारण है कि हम उसको महंगा बेचते हैं जबकि ठेलेगाड़ी वाला आपको 20 रुपए में ही गिलास दे देता है, ‘उनका कहना है कि उनकी पांच पीढ़ियां मिठाई और ठंडाई बेचने के कारोबार में हैं।

 

 

बेगमबाज़ार के एक निवासी कहते हैं कि ठेलागाड़ी वाले अक्सर ठंडाई में नशे और नींद की गोलियों का इस्तेमाल करते हैं। होली पर यह एक परंपरा है जिसे संरक्षित करने की आवश्यकता है। धूलपेट में गुदुम्बा (अवैध शराब) और गांजा अभी भी मिलता है। यहाँ सैकड़ों परिवार कुल्फी का कारोबार करते हैं। होली पर यह कुल्फी कुछ अलग हो जाती है।

 

 

मुकेश (बदला हुआ नाम), जो दशकों से व्यापार में से जुड़े हैं, ने दावा किया कि वह दिन में औसतन एक क्विंटल दूध से कुल्फी तैयार करते है। एक कप की लागत 30 रुपए होती है लेकिन होली में यह 60 रुपए में बिकती है जिसमें भांग होती है। इसमें भांग की पत्तियां होती हैं और ये हरे पत्ते आयुर्वेदिक होते हैं। पाव किलो भांग 10 लीटर कुल्फी बनाने के लिए पर्याप्त है और 1 लीटर से बानी कुल्फी 15 व्यक्तियों के लिए पर्याप्त होती है। मुकेश ने कहा कि यह एक ‘प्रसाद’ के तौर पर कम मात्रा में होली पर लोगों को बेचते हैं।

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