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क़वाइद के बगै़र इस्लाहात से धोका दही और स्क़ाम्स के वाक़्यात

वज़ीर उमूर कॉरपोरेट एम वीरप्पा मोली ने कहा है कि हिंदूस्तान में धोका दही और आला पैमाने के स्क़ाम्स से गुरेज़ किया जाएगा। अगर यहां कॉरपोरेट धोका दही और स्क़ाम्स को रोकने के लिए एक रेगूलेटरी मेकानिज्म और बाअज़ सख़्त पालिसीयां नाफ़िज़

वज़ीर उमूर कॉरपोरेट एम वीरप्पा मोली ने कहा है कि हिंदूस्तान में धोका दही और आला पैमाने के स्क़ाम्स से गुरेज़ किया जाएगा। अगर यहां कॉरपोरेट धोका दही और स्क़ाम्स को रोकने के लिए एक रेगूलेटरी मेकानिज्म और बाअज़ सख़्त पालिसीयां नाफ़िज़ उल-अमल हूँ।

अगर हिंदूस्तान में 1991 के दौरान ही फ़राख़ दिलाना पालिसी मुतआरिफ़ करवाने के साथ क़वाइद भी नाफ़िज़ उल-अमल होते तो कॉरपोरेट धोका दही और स्क़ामस नहीं होते। इस वक़्त के वज़ीर फायनेन्स मनमोहन सिंह ने 1991 में फ़राख़ दिलाना पालिसीयों का इख्तेयार किया था।

ये ऐलान नागुज़ीर और लाज़िमी था क्योंकि नई दिल्ली में बैंक आफ़ इंगलैंड के साथ सोने की मुआमलत करने का ऐलान किया था लेकिन इस तरह के फ़राख़दिलाना इक़दामात के साथ हमेशा दीगर तैयारीयां भी की जानी चाहीए। उन्हों ने एक सेमीनार से खेताब करते हुए जिसका उनवान हिंदूस्तान में कॉर्पोरेट्स का मुस्तक़बिल था कहा कि एक मेकानिज़्म के साथ फ़राख़दिलाना पालिसी को रूबा अमल लाया जाए तो धोखा दही नहीं होगी।

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