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ख़ून का 53 हज़ार साला क़दीम नमूना दरयाफ्त

जर्मनी और इटली के साईंसदानों ने ख़ून का क़दीम तरीन नमूना दरयाफ्त कर लिया है। ये नमूना 53 हज़ार साल पुराना है और ये नमूना ओटज़ी नामी ताँबे के दौर के इंसान का है इसकी लाश 1991 में आस्ट्रेलिया, जर्मन सरहद के क़रीब से दो कोह पैमाओं को बर्फ़ तले दब

जर्मनी और इटली के साईंसदानों ने ख़ून का क़दीम तरीन नमूना दरयाफ्त कर लिया है। ये नमूना 53 हज़ार साल पुराना है और ये नमूना ओटज़ी नामी ताँबे के दौर के इंसान का है इसकी लाश 1991 में आस्ट्रेलिया, जर्मन सरहद के क़रीब से दो कोह पैमाओं को बर्फ़ तले दबी मिली।

गुज़श्ता दो दहाईयों के दौरान साईंसदानों ने इस के दाँतों, आंतों वर मादे का मुकम्मल डाटा इकट्ठा किया हाल में इस के दाएं हाथ पर तीर के ज़ख्म के ख़लयात से इस के ख़ून की तशख़ीस की गई है। साईंसदानों के मुताबिक़ इस आदमी की उम्र 45 साल है इस के बाल भूरे हैं, इस की मौत पहाड़ पर चढ़ते हुए तीर लगने से हुई।

जर्मनी और इटली के साईंसदानों ने इस के ख़ून की तशख़ीस एटमी माईक्रो स्कोप की मदद से की। जर्मन हेड इंस्टीटियूट फ़ार मुमय्यज़ ऐंड आईस मैन के प्रोफेसर एल़्बर्ट ज़ंक ने कहा कि ये ख़ून का नमूना जदीद ख़ून के नमूने से मिलता जुलता है ये टाइप ओ ब्लड ग्रुप है। साईंसदानों के मुताबिक़ इस जदीद तहक़ीक़ से मिस्र में मिलने वाली हनूत शूदा लाशों का तजज़िया भी किया जा सकता है। इलावा अज़ीं इस तरीक़े से जराइम की तहक़ीक़ात में भी मदद मिल सकती है।

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