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ग़िज़ाई इफ़रात-ए-ज़र में 4.35 शरह फ़ीसद कमी

नई दिल्ली, १६ दिसम्बर: ( पी टी आई) ग़िज़ाई इफ़रात-ए-ज़र में दिसम्बर के इख़ततामी हफ़्ता के दौरान तक़रीबन 4 साल की कमतर शरह दर्ज करते हुए ये शरह 4.35 फ़ीसद करदी गई है। इस से तर्कारीयों, प्याज़, आलू और गेहूं जैसी ज़रूरी अशीया की क़ीमतों में कमी हो

नई दिल्ली, १६ दिसम्बर: ( पी टी आई) ग़िज़ाई इफ़रात-ए-ज़र में दिसम्बर के इख़ततामी हफ़्ता के दौरान तक़रीबन 4 साल की कमतर शरह दर्ज करते हुए ये शरह 4.35 फ़ीसद करदी गई है। इस से तर्कारीयों, प्याज़, आलू और गेहूं जैसी ज़रूरी अशीया की क़ीमतों में कमी हो रही है। ग़िज़ाई इफ़रात-ए-ज़र की ये सब से कम शरह है। 23 फरवरी 2008-ए-के बाद ये शरह देखी गई है।

ग़िज़ाई इफ़रात-ए-ज़र की वजह से होलसेल मार्किट का नर्ख़ साबिक़ हफ़्तों में जहां 6.6 फ़ीसद रिकार्ड किया गया था यही शरह गुज़श्ता साल इन्ही अय्याम में 10.78 फ़ीसद रिकार्ड की गई थी। माहिरीन का एहसास है कि ज़रूरी अशीया की क़ीमतों की शरह में एतिदाल पैदा होरहा है और ग़िज़ाई अशीया 5 फ़ीसद के निशाना से कम होगई हैं।

इस से हुकूमत को कुछ राहत मिलेगी जो तक़रीबन 2 साल से अफ़रत ज़र की बढ़ती हुई शरह का मुक़ाबला कररही थी। हुकूमत की जानिब से आज जारी करदा एक डाटा के मुताबिक़ प्याज़ की क़ीमत 40.03 फ़ीसद सस्ती होगई है जबकि आलू की क़ीमत भी 33.28 फ़ीसद कम हो गई जबकि गेहूं की क़ीमतों में भी 12.43 फ़ीसद कमी वाक़्य हुई है। मजमूई तौर पर तर्कारीयों की क़ीमतें भी कम हो गई हैं। दूध के इलावा अंडे और गोश्त की क़ीमतें और दालें गुज़श्ता हफ़्ता महंगी थीं, अब सुस्ती हो रही हैं।

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