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ग़िज़ाई तहफ़्फ़ुज़ क़ानून से ग़रीब क़ीमतों में तबदीली के असर से महफ़ूज़

मर्कज़ी वज़ीर बराए अग़्ज़िया के वी थॉमस का बयान, G-20 इक़दामात की ताईद का इद्दिआ

मर्कज़ी वज़ीर बराए अग़्ज़िया के वी थॉमस का बयान, G-20 इक़दामात की ताईद का इद्दिआ

मर्कज़ी वज़ीर अग़्ज़िया के वी थॉमस ने आज कहा कि हाल ही में ग़िज़ाई क़ानून मंज़ूर किया गया है जो क़ीमतों में तबदीलीयों से मुल्क की 67 फ़ीसद आबादी को जो ग़रीब है, महफ़ूज़ रखेगा। हिन्दुस्तान ने ग़िज़ाई अजनास की क़ीमत में इज़ाफे के ख़ातमे के लिए कई इक़दामात किए हैं जिन के बेहतर नताइज बरामद होरहे हैं। वो बैन-उल-अक़वामी ग़िज़ाई क़ीमतों के मौज़ू पर एफ़ ए ओ के इजलास से ख़िताब कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि तारीख़ साज़ क़ौमी ग़िज़ाई तमानीयत क़ानून हिन्दुस्तान की 67 फ़ीसद आबादी को ग़िज़ा का हक़ अता करता है और इस बात को यक़ीनी बनाता है की ग़िज़ाई अजनास इंतिहाई सस्ती क़ीमत पर दस्तियाब रहें। इस तरह क़ीमत में तबदीलीयों से ग़रीब अवाम को महफ़ूज़ रखता है। क़ानून की दफ़आत के तहत एक सरगर्म और सेहतमंद ज़िंदगी ग़रीब अवाम को फ़राहम करने के लिए काफ़ी मिक़दार में ग़िज़ाई अजनास दस्तयाब हैं।

वो आलमी ग़िज़ाई तमानीयत के एक अलहदा इजलास से ख़िताब कररहे थे। मर्कज़ी वज़ीर अग़्ज़िया के वी थॉमस ने कहा कि हिन्दुस्तान का ग़िज़ाई क़ानून ग़िज़ाई सयानत के बारे में हुकूमत के रवैय्ये में तबदीली का इज़हार है और हुक़ूक़ की बुनियाद पर रवैय्या इख़तियार किया गया है ताकि फ़लाही इक़दामात किए जा सके। ये क़ानून क़ानूनी एतबार से देही आबादी के 75 फ़ीसद और शहरी आबादी के 50 फ़ीसद को माहाना 5 किलोग्राम ग़िज़ाई अजनास अवामी निज़ाम तक़सीम के ज़रीये इंतेहाई रियायती क़ीमत पर हुसूल को यक़ीनी बनाता है।

ये नोट करते हुए कि अश्या-ए-ज़रुरीया की क़ीमतों पर क़ाबू पाने के लिए कई इक़दामात किए गए हैं जिन के मुल्क के बाज़ार में नताइज ज़ाहिर होरहे हैं। मर्कज़ी वज़ीर अग़्ज़िया ने कहा कि हिन्दुस्तान में जारीया साल माह अगस्त में ग़िज़ाई अजनास की क़ीमतों में साबिक़ साल की इसी मुद्दत की बनिस्बत क़ीमतों में कमी देखी गई है। क़ीमतों में कमी खासतौर पर ग़िज़ाई अजनास, तेलों, चिकनाइयों और शक्कर की क़ीमत में नज़र आ रही है हालाँकि दूध और गोश्त की क़ीमत में इज़ाफ़ा होगया है।

दूध और शक्कर के शोबों में इफ़रात-ए-ज़र मुस्तहकम है और कम सतह पर बरक़रार है लेकिन ख़ुर्दनी तेलों की क़ीमत में कमी वाक़्य हुई है। अलावा अज़ीं ग़िज़ाई क़ीमतों में इज़ाफे पर क़ाबू पाने के हिन्दुस्तान में इक़दामात किए गए हैं। हिन्दुस्तान में कई अक़्वाम के ग़िज़ाई अजनास की ज़रूरत की तकमील के लिए इक़दामात किए हैं और हमेशा आलमी ग़िज़ाई इमदादी प्रोग्रामों में पेश पेश रहा है। ज़रूरतमंद ममालिक के अलावा आलमी ग़िज़ाई प्रोग्राम में हिन्दुस्तान ने नुमायां शिरकत की है। के वी थॉमस ने कहा कि हिन्दुस्तान G-20फ़ोर्म के इक़दामात की ताईद कर रहा है।

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