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ज़िमनी इंतेख़ाबात के नताइज से बी जे पी सबक़ हासिल करे

शिवसेना ने ज़िमनी इंतेख़ाबात में बी जे पी को शिकस्त पर सख़्त तन्क़ीदों का निशाना बनाते हुए कहा कि उसे उन नताइज से सबक़ हासिल करना चाहिए और हमेशा बुनियादी हक़ायक़ को पेश नज़र रखना चाहिए। शिवसेना के तर्जुमान सामना में शाय ईदारिया में कह

शिवसेना ने ज़िमनी इंतेख़ाबात में बी जे पी को शिकस्त पर सख़्त तन्क़ीदों का निशाना बनाते हुए कहा कि उसे उन नताइज से सबक़ हासिल करना चाहिए और हमेशा बुनियादी हक़ायक़ को पेश नज़र रखना चाहिए। शिवसेना के तर्जुमान सामना में शाय ईदारिया में कहा गया कि लोक सभा इंतेख़ाबात में बी जे पी ने उत्तरप्रदेश में ज़बरदस्त कामयाबी हासिल की लेकिन ज़िमनी इंतेख़ाबात के नताइज बिलकुल बरअक्स रहे।

ये नताइज महाराष्ट्र इंतेख़ाबात के ज़िमन में बी जे पी केलिए एक सबक़ है, यही नहीं बल्कि हम सब केलिए भी सबक़ है। ईदारिया में कहा गया कि अवाम को नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता। अवाम का ज़हन तब्दील होता रहता है, ये उन का फैसला है। ज़िमनी इंतेख़ाबी नताइज 15 अक्तूबर महाराष्ट्रा असेम्बली इंतेख़ाबात के लिए एक सबक़ है।

ईदारिया में बी जे पी से कहा गया कि वो हमेशा अपने क़दम ज़मीन पर रखें। कामयाबी (लोक सभा इंतेख़ाबात) हासिल होने पर बेक़ाबू नहीं होना चाहिए। जो ये सबक़ सीख लेंगे उन्हें महाराष्ट्र में कामयाबी होगी यह फिर अवाम वही करेंगे जो उन्हें करना होगा। बी जे पी को ज़िमनी इंतेख़ाबात में ताक़तवर गढ़ समझे जाने वाले उत्तरप्रदेश, राजस्थान और गुजरात में ज़बरदस्त धक्का पहुंचा और 23 के मिनजुमला 13 नशिस्तों पर उसे नाकामी है जबकि कांग्रेस ने दो रियासतों में ग़ैरमामूली बेहतर मुज़ाहरा किया है।

शिवसेना तर्जुमान ने कहा कि ज़िमनी इंतेख़ाबात के नताइज को मोदी लहर से मरबूत नहीं किया जाना चाहिए। ये बात भी मल्हूज़ रहे कि आम और रियासती इंतेख़ाबात में फ़र्क़ होता है। नरेंद्र मोदी बेन उल-अक़वामी सतह पर अच्छा काम कर रहे हैं। मोदी ने 100 दिन में जो काम किया है , अगर इस से सही फ़ायदा हासिल नहीं किया गया तो उसे मौरिद इल्ज़ाम क़रार दिया जाये।

शिवसेना ने कहा कि स्वामी अदित्यनाथ ने लव‌ जिहाद का मसला उठाया लेकिन ज़िमनी इंतेख़ाबात के नताइज ने ये दिखाई दिया कि इस का कोई असर नहीं हुआ। ईदारिया में ये भी कहा गया कि कांग्रेस के मुज़ाहरा केलिए सोनिया गांधी य राहुल गांधी के सर सहरा बांधने की ज़रूरत नहीं।

इसी तरह कोई भी ये दावा नहीं करसकता कि ये नताइज मोदी के ख़िलाफ़ अवामी फैसला था। सामना में शिवसेना के इस सख़्त लब-ओ-लहजा को बी जे पी के लिए वार्निंग समझा जा रहा है क्योंकि इस ने महाराष्ट्रा इंतेख़ाबात में ज़ाइद नशिस्तों पर मुक़ाबले की ख़ाहिश ज़ाहिर की थी।

नशिस्तों की तक़सीम के मसले पर क़दीम हलीफ़ जमातों बी जे पी और शिवसेना में इख़तिलाफ़ात बढ़ गए। सदर बी जे पी अमित‌ शाह तवक़्क़ो है कि नशिस्तों की तक़सीम के सिलसिले में शिवसेना से बात चीत करेंगे। दूसरी तरफ़ शिवसेना सरबराह अवधू ठाकरे ने बरसर-ए-आम ये ऐलान किया था कि अगर इंतेख़ाबात में बी जे पी ‍- शिवसेना इत्तेहाद को कामयाबी हासिल हो तो वो चीफ मिनिस्टर बनना चाहेंगे।

इस दौरान दिल्ली में वज़ीर लेबर नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि बी जे पी महाराष्ट्र और हरियाणा असेम्बली इंतेख़ाबात में कामयाबी हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि ज़िमनी इंतेख़ाबात की बुनियाद पर बी जे पी के इमकानात के बारे में क़यास आराई ग़लत है , अगर किसी को ज़िमनी इंतेख़ाबी नताइज पर ख़ुशी होरही है तो इस पर हमें कोई एतराज़ नहीं है लेकिन उन नताइज की बुनियाद पर (मुजव्वज़ा असेम्बली इंतेख़ाबात) बी जे पी के इमकानात के बारे में पेश क़यासी करना बिलकुल ग़लत होगा।

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