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ज़िमनी इंतेख़ाबात से क़ब्ल ज़ाब्ता अख्लाक़ में जुज़वी नरमी

इलेक्शन कमीशन ने मुख़्तलिफ़ रियास्तों की नुमाइंदगियों की वसूली के बाद इंतेख़ाबी ज़ाब्ता अख़लाक़ में तजुर्बाती बुनियाद पर नरमी पैदा करते हुए इन अज़ला में तरक़्क़ीयाती स्कीमों पर जुज़वी अमल आवरी को जारी रखने की इजाज़त दी है जहां 12 जून को

इलेक्शन कमीशन ने मुख़्तलिफ़ रियास्तों की नुमाइंदगियों की वसूली के बाद इंतेख़ाबी ज़ाब्ता अख़लाक़ में तजुर्बाती बुनियाद पर नरमी पैदा करते हुए इन अज़ला में तरक़्क़ीयाती स्कीमों पर जुज़वी अमल आवरी को जारी रखने की इजाज़त दी है जहां 12 जून को ज़िमनी इंतेख़ाबात मुनाक़िद होंगे।

चंद रियास्तों ने जहां ज़िमनी इंतेख़ाबात मुनाक़िद हो रहे हैं इलेक्शन कमीशन से नुमाइंदगी की थी कि अगरचे ज़िला के एक हिस्सा में इंतेख़ाबी अमल जारी रहता है लेकिन इंतेख़ाबी ज़ाब्ता अख़लाक़ नाफ़िज़ करने से ज़िला के तरक़्क़ीयाती काम मुतास्सिर होते हैं। जिसके बाद कमीशन ने ये अहकाम जारी किए हैं।

कमीशन ने फ़ैसला किया है कि तजुर्बाती बुनियादों पर अब पूरे ज़िला में नहीं बल्कि सिर्फ उस मुक़ाम पर ज़ाब्ता अख़लाक़ नाफ़िज़ होगा जहां इंतेख़ाबात होंगे। ताहम वुज़रा के दौरे, गाड़ीयों, इश्तेहारात, सरकारी गेस्ट हाउस के इस्तेमाल, ओहदेदारों के तबादले से मुताल्लिक़ ज़ाब्ता अख्लाक़ किसी तब्दीली के बगै़र ज़िला में बदस्तूर नाफ़िज़-उल-अमल रहेंगे जहां किसी हलक़ा में ज़िमनी इंतेख़ाबात होने हैं।

क़ब्लअज़ीं कमीशन ने किसी असेंबली या पारलीमानी हलक़ा में ज़िमनी इंतेख़ाब की सूरत में सारे ज़िला में ज़ाब्ता अख़लाक़ के नफ़ाज़ को लाज़िमी क़रार दिया था।

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