Sunday , August 20 2017
Home / India / ‘फ़र्ज़ी’ एनकाउंटर में मारे गए ज़ाकिर की माँ का दर्द: “पुलिस ने मेरे बेटे को मार डाला”

‘फ़र्ज़ी’ एनकाउंटर में मारे गए ज़ाकिर की माँ का दर्द: “पुलिस ने मेरे बेटे को मार डाला”

भोपाल/खंडवा: 8 कथित सिमी सदस्यों, जिनको कल एक “फ़र्ज़ी” एनकाउंटर में मार दिया गया, में से एक की माँ ने सामने आकर कहा है कि ये एनकाउंटर फ़र्ज़ी था. ज़ाकिर हुसैन भी उन आठ क़ैदियों में से एक था जिसे कल पुलिस ने एक एनकाउंटर में मार गिराया था, इस एनकाउंटर को विपक्ष से लेकर सभी समाज सेवी संस्थाएं फ़र्ज़ी बता रही हैं और कुछ ऐसा ही तथ्य और जारी वीडियो से पता चल रहा है. हुसैन की माँ सलमा बी अपने बेटे की मौत से काफ़ी आहत हैं और कह रही हैं ये एनकाउंटर पहले से प्लान किया हुआ था.

सलमा ने कहा, “ना तो मेरा बेटा और उसके साथी जेल से भागे थी और ना ही उन्होंने पुलिस के ऊपर गोलियाँ चलायीं थीं”

सलमा ने कहा कि अचारपुरा गाँव में पीर के रोज़ हुआ कथित एनकाउंटर फ़र्ज़ी है.

अंग्रेज़ी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए सलमा ने कहा, “जब आख़िरी बार भोपाल सेंट्रल जेल में बक़रीद के मौक़े पर उससे मिलने गयी थी तो उसने बताया था कि वो सुरक्षित नहीं है और उसके साथ कुछ भी हो सकता है.. पुलिस उसके साथ जेल के अन्दर या बाहर कुछ भी कर सकती है”

“..ज़ाकिर ने कहा था कि मेरी सुरक्षा के लिए जल्दी जल्दी मिलने आया करना..लेकिन मैं ऐसा नहीं कर पायी और नतीजा सबके सामने है,” सलमा ने आगे कहा.

अधेढ़ उम्र की सलमा को ये ख़बर टीवी चैनल से मिली. उन्होंने बताया कि इस ख़बर के बाद 8-10 पुलिसवाले उनके घर आये और ज़ाकिर का पता पूछने लगे. उन्होंने बताया कि जब मैंने उनसे सवाल करने की कोशिश की तो उनमें से एक पुलिस वाले ने मुझे चार थप्पड़ मारे और मेरी अंधी ननद रेहाना बी को धक्का भी दिया.

ज़ाकिर की माँ को इस बात का डर सता रहा है कि कहीं ज़ाकिर के छोटे भाई को भी पुलिस किसी बहाने से ना मार दे. हुसैन उर्फ़ विक्की उर्फ़ विनय कुमार के ऊपर खंडवा जेल से भी भागने का इलज़ाम था जिसके बाद मार्च में उसे भोपाल लाया गया था.

गौरतलब है कि कल देर रात भोपाल सेंट्रल जेल से ज़ाकिर हुसैन समेत 8 क़ैदी फ़रार हो गए थे. ये सभी आतंकवाद के गंभीर इलज़ाम में बंद थे लेकिन इनमें से किसी पर भी आरोप साबित नहीं हुआ था. मध्यप्रदेश सरकार के मुताबिक़ ये लोग चादर की रस्सी बनाकर 30 फ़ीट दीवार फांदे थे और भागते वक़्त इन्होने एक हेड-कांस्टेबल रमाशंकर की भी हत्या कर दी थी. इसके कुछ देर बाद ख़बर आती है कि आठों फ़रार क़ैदियों का एनकाउंटर हो गया. इसके बाद सोशल मीडिया पर वीडियो आये जिनसे ये ज़ाहिर हो रहा है कि एनकाउंटर फ़र्ज़ी और पहले से नियोजित था.

TOPPOPULARRECENT