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फ़सीह के मुआमले की समाअत ( सुनवायी) फ़ास्ट ट्रैक अदालत में होनी चाहीए: निकहत

मुल्क में दहशत गिरदाना सरगर्मीयों में मुलव्वस होने के इल्ज़ाम में सऊदी अरब में हिरासत में लिए गए फ़सीह मुहम्मद की बीवी निकहत प्रवीन ने अपने शौहर के मुआमलों की समाअत ( सुनवायी) फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में कराये जाने का मुतालिबा किया है।

मुल्क में दहशत गिरदाना सरगर्मीयों में मुलव्वस होने के इल्ज़ाम में सऊदी अरब में हिरासत में लिए गए फ़सीह मुहम्मद की बीवी निकहत प्रवीन ने अपने शौहर के मुआमलों की समाअत ( सुनवायी) फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में कराये जाने का मुतालिबा किया है।

मुहतरमा प्रवीन ने आज यहां बातचीत करते हुए कहा कि इनके शौहर को गुज़श्ता 13 मई को पुलिस ने सऊदी अरब से उठा लिया था। कुछ दिनों तक फ़सीह से बातचीत होने पर जब उन की तलाश शुरू की गई तब किसी ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया और यहां तक कि वज़ारत-ए-दाख़िला ( गृह मंत्रालय) ने भी इस मुआमले में लाइलमी का इज़हार किया था।

फ़सीह की बीवी ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट में इस सिलसिले में मुआमला पेश किया गया तब ये इन्किशाफ़ ( ज़ाहिर) किया जा रहा है कि सऊदी अरब में उन्हें हिरासत में लिया गया है। फ़सीह के ख़िलाफ़ बैंगलौर और दिल्ली में बम धमाके में मुलव्वस होने का इल्ज़ाम लगाया जा रहा है।

उन्होंने अपने शौहर को बेक़सूर बताते हुए कहा कि इनके ख़िलाफ़ साज़िश रची गई है। निकहत प्रवीन ने अदालत के तईं अपने मुकम्मल एतिमाद ( पूरे विश्वास) का इज़हार करते हुए इस मुआमले की फ़ासट ट्रैक कोर्ट में समाअत ( सुनवायी) कराये जाने का मुतालिबा करते हुए कहा कि इससे सच्चाई का पता चलेगा।

उन्होंने कहा कि अगर इनका शौहर कुसूरवार है तो उसे सज़ा मिलनी चाहीए और अगर बेक़सूर है तो उसे बाइज़्ज़त बरी किया जाना चाहीए। उन्होंने हैरानी ज़ाहिर करते हुए सवालिया लहजे में कहा कि 13 मई को फ़सीह को जब पुलिस के हाथों उठाया गया था तो फिर इस बात को इतने दिनों तक दबाकर क्यों रखा गया।

फ़सीह के सुसर मुहम्मद गुफरान 30 जून को मग़रिबी चम्पान ज़िला से सरकारी नौकरी से रिटायर हुए हैं और अपने वालिद से मुलाक़ात के लिए निकहत प्रवीन यहां आई हुई थीं। ख़्याल रहे कि फ़सीह को 13 मई को सऊदी अरब में गिरफ़्तार किया गया था और उन पर बैंगलौर के चिन्नास्वामी स्टेडीयम में हुए धमाके और 2010 में दिल्ली की जामा मस्जिद के नज़दीक हुई फायरिंग में शामिल होने का इल्ज़ाम है।

हालाँकि पहले ये वाज़िह ( स्पष्ट) नहीं हो पा रहा था कि फ़सीह को हिंदूस्तानी पुलिस ने गिरफ़्तार किया है या सऊदी पुलिस ने उसे पकड़ा है। इस के बाद फ़सीह के घर वालों ने सुप्रीम कोर्ट से रुजू किया था।

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