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फ़ौजी सरबराह जनरल वी के सिंह से सी बी आई की पूछताछ

सी बी आई टीम ने आज फ़ौजी सरबराह जनरल वी के सिंह से उन के दफ़्तर पर ज़ाइद अज़ दो घंटे पूछताछ की। सी बी आई ज़राए ने बताया कि फ़ौजी जनरल फ़ौजी आलात के मयार की मंज़ूरी के लिए उन्हें पेश कर्दा 14 करोड़ रुपये रिश्वत के इल्ज़ाम के पस-ए-मंज़र में इस्तेफ

सी बी आई टीम ने आज फ़ौजी सरबराह जनरल वी के सिंह से उन के दफ़्तर पर ज़ाइद अज़ दो घंटे पूछताछ की। सी बी आई ज़राए ने बताया कि फ़ौजी जनरल फ़ौजी आलात के मयार की मंज़ूरी के लिए उन्हें पेश कर्दा 14 करोड़ रुपये रिश्वत के इल्ज़ाम के पस-ए-मंज़र में इस्तेफ़सार किया गया। फ़ौजी सरबराह ने सी बी आई को तहरीर कर्दा एक मकतूब में इल्ज़ाम आइद किया था कि एक रिटायर्ड फ़ौजी जनरल तेजिंदर सिंह ने सितंबर 2010 में इन से मुलाक़ात करते हुए 14 करोड़ रुपये रिश्वत की पेशकश वेक़्टरा ग्रुप सदर नशीन रवींद्र ऋषि की जानिब से की थी। सी बी आई ज़राए ने बताया कि इस सिलसिला में कोई मुक़द्दमा रजिस्टर्ड नहीं किया गया है जबकि सी बी आई ने फ़ौजी जनरल वी के सिंह से सवाल किया कि उन्होंने अब तक इस सिलसिला में ख़ामोशी क्यों इख्तेयार की थी जबकि इस वाक़्या को दो साल से ज़ाइद का अर्सा हो चुका है।

ज़राए ने बताया कि जनरल वी के सिंह इस सिलसिला में ताहाल कोई सबूत पेश नहीं किया है। सी बी आई ज़राए ने बताया कि जनरल वी के सिंह से कहा गया था कि वो उनको रिश्वत पेशकश के सिलसिला में पोख़्ता सुबूत तहक़ीक़ाती एजेंसी को पेश करें जोकि उन के इल्ज़ामात से मेल खाए। फ़ौजी जनरल से डी आई जी की ज़ेर-ए-क़ियादत सी बी आई टीम ने ज़ाइद अज़ दो घंटे उन के दफ़्तर साउथ बलॉक पर इस्तेफ़सार किया जबकि इस का आग़ाज़ सुबह 10.30 बजे हुआ। सी बी आई ज़राए ने बताया कि जनरल वी के सिंह के मुताबिक़ साबिक़ जनरल की जानिब से उन्हें रिश्वत की पेशकश फ़ौजीयों के लिए टाटा ट्रक्स की मुआमलत को क़तईयत देने की ग़रज़ से की गई थी।

सी बी आई ज़राए ने बताया कि आर्मी चीफ़ को सवाल नामा पूछताछ से क़ब्ल रवाना कर दिया गया था। सी बी आई ज़राए ने बताया कि जनरल वी के सिंह ने मीडीया के रू बरू एक इंटरव्यू के दरमयान उन्हें रिश्वत की पेशकश का इल्ज़ाम आइद किया था, जिस पर मर्कज़ी वज़ीर-ए-दिफ़ा ए के अनटोनी ने इस मुआमला की तहक़ीक़ात के लिए सी बी आई को हिदायात जारी कीं थी।

सी बी आई ज़राए ने मज़ीद बताया कि दीगर उमूर के साथ तहक़ीक़ाती टीम ने जनरल वी के सिंह से इस बात का इस्तेफ़सार किया कि आख़िर वो क्यों नहीं इस ताल्लुक़ से कोई कार्रवाई का आग़ाज़ किया जबकि इस वाक़्या को दो साल से ज़ाइद का अर्सा बीत चुका है।

सी बी आई ने इस वाक़्या के मुताल्लिक़ केस रजिस्टर्ड किए जाने से क़ब्ल मज़ीद सुबूतों के लिए इब्तिदाई तहक़ीक़ात का आग़ाज़ किया है।

वाज़िह रहे कि फ़ौजी सरबराह जनरल कियानी की जानिब से रिश्वत की पेशकश के इन्केशाफ़ के बाद अपोज़ीशन ने हंगामा खड़ा किया था और वज़ीर दिफ़ा-ओ-हुकूमत पर इल्ज़ाम आइद किया था कि इस मुआमला को संजीदगी से नहीं लिया गया हालाँकि ये मुल़्क की मुसल्लह अफ़्वाज से मुताल्लिक़ मसला था ।

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