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13 मिनट में 12 किलोमीटर दूर पहुँचाया मरीज का दिल

चेन्नई में एक नौजवान की जिंदगी को बचाने के लिए पूरा ट्रैफिक रोक दिया गया.

चेन्नई में एक नौजवान की जिंदगी को बचाने के लिए पूरा ट्रैफिक रोक दिया गया. ऐसा एक एम्बुलेंस को रास्ता देने के लिए किया गया, जो एक दिल को ट्रांसप्लांट के लिए 13 मिनट में 12 किलोमीटर दूर दूसरे हॉस्पिटल में पहुंचाने के एक मुश्किल मिशन पर निकली थी. इस काम को अंजाम देने के लिए हॉस्पिटल के डॉक्टरों और ट्रैफिक पुलिस ने गजब का तालमेल दिखाया |

यह दिल चेन्नई के सरकारी हॉस्पिटल में दम तोडऩे वाले एक 27 साल के एक नौजवान का था | इस मिशन से ठीक पहले दिल को जिस्म से निकालकर 4 डिग्री सैल्सियस पर एक स्पैशल कंटेनर में रखा गया था | इसे 12 किलोमीटर दूर फोर्टिस हॉस्पिटल में शरीक मुंबई के 21 साल के बीकॉम स्टूडैंट के जिस्म में ट्रांसप्लांट किया जाना था |

चेन्नई के सरकारी हॉस्पिटल से 12 किलोमीटर दूर अडयार वाके फोर्टिस मलार हॉस्पिटल तक दिल पहुंचाने का यह सफर पीर की शाम को 6.44 मिनट पर शुरू हुआ. ऐम्बुलेंस 13 मिनट और 22 सैकेंड बाद 6.57 पर इसे लेकर फोर्टिस मलार हॉस्पिटल पहुंची |

आपको बता दें कि इन दोनों अहम हॉस्पिटलों को जोड़ने वाली सड़क पर अक्सर ज़्यादा ट्रैफिक रहती है और आम तौर पर इस फासले को तय करने में 45 मिनट लगते हैं लेकिन एक आदमी की जान को बचाने के लिए पुलिस, डॉक्टरों और आम आदमी ने बड़ा दिल दिखाते हुए इसमें मदद की | अाप्रेशन के लिए तैयार फोर्टिस के सर्जन्स ने दिल के हॉस्पिटल में पहुंचते ही अपने काम को अंजाम दिया |

फोर्टिस के डॉक्टर सुरेश राव ने बताया, ‘जैसे ही दिल पहुंचा, अाप्रेशन शुरू कर दिया गया | रात 10.15 बजे तक यह दिल मरीज के जिस्म में धड़क रहा है | ‘ बता दें कि दिल को 4 घंटे तक महफूज़ रखा जा सकता है, लेकिन इसे जितनी जल्दी मरीज के जिस्म में ट्रांसप्लांट कर दिया जाए, उतना ही अाप्रेशन के कामयाब होने के इम्कान बढ़ जाते है |

—————–बशुक्रिया: पल पल इंडिया

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