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सामूहिक बलात्कार के आरोपियों को बचा रही वसुंधरा राजे की पुलिस

धौलपुर: भारत में इन दिनों आये दिन कहीं ना कहीं मासूम बच्चियों के साथ शर्मनाक और झिंझोड़ देने वाले वाक़िये बढ़ते जा रहे हैं,
बीते 15 फरवरी को धौलपुर जिले की 13 वर्ष मासूम युवती
परवीन को “पी एस त्यागी संस्थान” के संचालक दिनेश त्यागी के पुत्र दीपु और उसके साथी कक्षा 8 की नाबालिग मासूम युवती को विद्यालय जाते समय विधालय की गाड़ी से जबरदस्ती उतारकर अपने निजी वाहन से  कई जगह ले जाने के बाद छात्रा से बर्बरता पूर्वक बारी बारी से गैंगरेप करते हैं
 नाबालिग युवती के  बेहोश होने और शारीरिक हालात बिगड़ने पर मुज़रिम नाबालिग मासूम युवती को धौलपुर के पास पटक कर फरार हो जाते हैं,
मुजरिम दीपु और उसके साथी अपने परिवार जन के सम्पर्क में रहते हैं,
बच्ची के ग़ायब होने के बाद नाबालिग छात्रा के परिवार द्वारा सम्पर्क करने पर स्कुल संस्थान के मालिक (मुजरिम दीपू के पिता)परिवार को किसी भी तरह का एफआईआर दर्ज़ नही करने की धमकी देते हैं,
और बहूत जल्द बच्ची को घर वापस बेज देने की बात कहते हैं,
लेकिन जब सुबह तक बच्ची की जानकारी नही मिलती  तो घर वाले इसकी रिपोर्ट महिला थाना मे 29/17 के तहत कराते हैं
इस घटना में कई लोगो की भूमिका है जो जाँच का विषय है।
सबसे पहली बात ये है कि तीन दिन गुज़र जाने के बाद भी अभी तक मुजरिमों को पुलिस ने क्यों गिरिफ्तार नहीं किया?
दूसरी बात ये है कि जब स्कूल प्रशासन धमकियां दे रहा है तो पुलिस पीड़ित परिवार को सुरक्षा क्यों नहीं दे रही है?
तीसरी बात ये है कि मुजरिम दीपू को नाबालिग़ बता कर दरोग़ा ने छोड़ दिया जब कि दीपू BCC फाईनल कर रहा है,
और निर्भया कांड के बात सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग़ के रेप में इन्वालवमेंट के बाद उसको भी कस्टडी में लेने की इजाज़त दी है,
अस्पताल प्रशासन भी पीड़िता और उसकी मां के साथ आपत्तिजनक व्यवहार कर रहा है,
तहक़ीक़ के बाद पता चला कि डॉक्टर भी मुजरिम दीपू का रिश्तेदार है,
पीड़िता के बाप ने FIR दर्ज करायी है,
देरशाम SP धौलपूर ने तीन दिन की मुहलत मांगी है,
अब देखते हैं क्या होता है,
सबसे पहले पीड़िता को अच्छी तरह इलाज की ज़रूरत है,
साथ ही परिवार को फौरी त़ौर पर  सुरक्षा की ज़रूरत है,
ताकि कहीं दीपू के हिमायतियों की ओर से कोई अटैक उन पर ना हो…
इस सिलसिले में राजिस्थान की महिला मुख्यमंत्री की ज़िम्मेदारी है कि वो तुरंत प्रशासन को अलर्ट करें,
और दोषियों को फौरी तौर पर गिरिफ्तार करके सख्त से सख्त सज़ा दिलवायें.
मेहदी हसन एैनी की रिपोर्ट 

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