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16 दहश्तगर्द हमलों में हिन्दूतवा कारकुन मुलव्विस आला ओहदेदारों की कान्फ़्रैंस में इन्किशाफ़,

नई दिल्ली । 22 । सितंबर (एजैंसीज़) मुल्क में होने वाले 16 दहश्तगर्द हमलों के पीछे हिंदूतवा ग्रुप या कारकुनों का हाथ है। हिंदूस्तान में ना सिर्फ चार दहश्तगर्द हमले हुए हैं बल्कि हालिया दिनों में 16 बम धमाकों के वाक़ियात हुए हैं। रिपोर्

नई दिल्ली । 22 । सितंबर (एजैंसीज़) मुल्क में होने वाले 16 दहश्तगर्द हमलों के पीछे हिंदूतवा ग्रुप या कारकुनों का हाथ है। हिंदूस्तान में ना सिर्फ चार दहश्तगर्द हमले हुए हैं बल्कि हालिया दिनों में 16 बम धमाकों के वाक़ियात हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि तहक़ीक़ात के दौरान हिंदूतवा कारकुनों के मुलव्विस होने का शुबा ज़ाहिर हुआ है। अब तक की तहक़ीक़ात से पता चलता है कि मुलक के चार बड़े धमाकों मालीगाॶं (9 सितंबर 2008-), समझौता ऐक्सप्रैस (8 फरवरी 2007 ) , मक्का मस्जिद बम धमाका (8 मई 2007 ) और अजमेर शरीफ़ दरगाह धमाका (1 अक्तूबर 2007-) में हिंदूतवा ग्रुप मुलव्विस हैं। नई दिल्ली में 16 सितंबर को मुनाक़िदा डायरैक्टर जनरल आफ़ पुलिस की सालाना कान्फ़्रैंस में एनटलीजनस ब्यूरो के ख़ुसूसी डायरैक्टर ने बताया जाता है कि रियास्ती पुलिस सरबराहों को इत्तिला दी थी कि मुल्क में होने वाले 16 बम धमाकों के वाक़ियात की तहक़ीक़ात के तहत पता चलता है कि ये धमाके हिंदूतवा कारकुनों ने अंजाम दिए थी। एनटलीजनस ब्यूरो के ओहदेदार ने बताया कि अब तक की तहक़ीक़ात में ये वाज़िह होचुका है कि चार दहश्तगर्द हमले ज़ाफ़रानी दहश्तगरदों की कारस्तानी थी। ताहम एनटलीजनस ब्यूरो के ओहदेदारों ने 12 दीगर धमाकों के बारे में कोई ख़ुसूसी निशानदेही नहीं की ही। इस के ताल्लुक़ से तहक़ीक़ाती एजैंसीयों को शुबा है कि ये धमाके भी ज़ाफ़रानी इंतहापसंदों ने की है। हिंदूतवा के दहश्तगरदों का चेहरा उस वक़्त बेनकाब हुआ जब सिंह परिवार के रुकन साध्वी परगिया सिंह ठाकुर और कर्नल सुर्यकांत पुरोहित को महाराष्ट्रा के मालीगाॶं बम धमाकों के सिलसिला में गिरफ़्तार किया गया था, जिस में 7 अफ़राद हलाक हुए थी। 9 जनवरी 2009 -को महाराष्ट्रा पुलिस ने साध्वी परगिया सिंह और पुरोहित के ख़िलाफ़ चार्ज शीट दाख़िल की थी। मज़ीद तहक़ीक़ात से पता चला कि समझौता ऐक्सप्रैस , मक्का मस्जिद और अजमेर दरगाह धमाकों में भी हिंदूतवा ग्रुप मुलव्वस ही। आर ऐस ऐस प्रचारक स्वामी असीमानंद ने भी इन धमाकों में ज़ाफ़रानी ग्रुप मुलव्वस होने का इक़बाली ब्यान दिया ही, उन्हें नवंबर 2010 -में हरीदवार से गिरफ़्तार किया था। 2007 में सिलसिला वार बम धमाकों के बाद तीन शहरों जुए पर, अहमदाबाद , दिल्ली में भी 2008 -के दौरान धमाके हुए। 2007 धमाकों की तरह दीगर धमाकों के सिलसिला में भी सैंकड़ों बेक़सूर मुस्लिम नौजवानों को गिरफ़्तार किया गया। 2008 के धमाकों का मुक़द्दमा अभी शुरू नहीं हुआ है। मुस्लिम नौजवानों को गिरफ़्तार करते हुए उन पर इल्ज़ाम आइद किए गए हैं। इसी डी जी पेज की कान्फ़्रैंस में वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह ने मुस्लमानों के ख़िलाफ़ ला अनफ़ोरसमनट और तहक़ीक़ाती एजैंसीयों की तास्सुब पसंदी पर ईज़हार-ए-तशवीश किया था और कहा था कि वो मुस्लमानों के ख़िलाफ़ जांबदाराना कार्रवाई ना करें।

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