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17 साल का बच्चा जो कभी शहर नहीं गया, क्या आतंकी साज़िश रच सकता है?

उत्तर प्रदेश एटीएस ने गुरुवार को पुलिस के साथ मिलकर आंतकवादी गतिविधियों में शामिल होने के शक में पांच युवकों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा एटीएस ने शामली के कस्बा झिंझाना से भी एक युवक अब्दुर रहमान को भी उठा लिया।

खुफिया विभाग के मुताबिक, अब्दुर रहमान को पकड़ने के लिए कई दिन से रेकी की जा रही थी। उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इसके बाद बुधवार की रात को एटीएस और पुलिस टीम ने उसे पकड़ने के लिए इलाके में डेरा डाला था। इसके बाद गुरुवार की सुबह अब्दुर रहमान के घर के आसपास घेराबंदी की गई और इसे पकड़ लिया गया।

लेकिन अब्दुर रहमान के पिता रईस अहमद आंसू भरी आंखों से कहते हैं कि उनका बेटा अभी सिर्फ 17 साल है। यह कैसे हो सकता है कि वह आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हो? उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि वह इस तरह के किसी भी साजिश का हिस्सा था, क्योंकि वो सभी शहर छोड़कर बाहर नहीं गया।

अब्दुर रहमान के परिजनों का कहना है कि वह अभी बहुत छोटा है। उन्होंने रहमान का आधार कार्ड को प्रमाण के तौर पर दिखाया जिसमें रहमान का जन्म तिथि 1 जनवरी 2000 दर्ज है, जबकि पुलिस ने दावा किया है कि वह बीस साल का है।

आधार कार्ड के अनुसार, रहमान झिंझाना कस्बा के तलाई मुहल्ला में पैदा हुआ। परिजनों ने बताया कि रहमान पास के ही एक मदरसा में पढ़ता है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को यूपी एटीएस की एक टीम आई और उसे सुबह के लगभग 6 बजे उठा ले गई।

राशन की एक छोटी-सी दुकान चलाने वाले रहमान के पिता कहते हैं कि उनका बेटा सुबह नमाज के लिए मस्जिद में था, जब उसे वहां से पुलिस उठाकर घर ले आई। पुलिस ने हमारे घर की तलाशी ली। हमारे घर से कुछ उर्दू की किताबें और पांच सेलफोन उन्होंने कहा कि इतनी भारी संख्या में जब उन्होंने पुलिस वालों के देखा तो उनका परिवार सदमे मिले।

रहमान के चचेरे भाई मोहम्मद अली ने बताया कि रहमान की मां ने खाना-पीना छोड़ दिया है और उसके पिता उसकी रिहाई की दुआ के लिए मस्जिद गए हैं। रहमान के परिवार का कहना है कि उसे इससे पहले कभी पुलिस से ने गिरफ्तार नहीं किया और न ही स्थानीय मदरसा में पढ़ाई के बाद वह कभी शहर से बाहर गया है।

वहीं शामली के पुलिस अधीक्षक अजय पाल ने बताया कि रहमान को उत्तर प्रदेश एटीएस ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर गुरुवार की सुबह एक मस्जिद से संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने के शक में गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया की मामले की अभी जांच चल रही है।

हालांकि झिंझाना थाना और दूसरे जिले के किसी भी थाने में रहमान के खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला मौजूद नहीं है। इस बीच, रहमान के पिता रईस अहमद ने शामली एसपी के समक्ष पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उसके पिता का कहना है कि उनका बेटा निर्दोष है और इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

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