Tuesday , October 24 2017
Home / Uttar Pradesh / 173 एचआइवी के मरीजों की शिनाख्त

173 एचआइवी के मरीजों की शिनाख्त

पलामू जिला के हुसैनाबाद इलाक़े में अबतक एचआइवी पॉजिटिव 173 मरीजों की शिनाख्त डिवीज़नल अस्पताल हुसैनाबाद में काम कर रहे आइसीटीसी ने की है। आइसीटीसी के काउंसेलर शशिभूषण सिंह ने बताया कि डिवीज़नल अस्पताल में आइसीटीसी जुलाई 2008 से शुरू क

पलामू जिला के हुसैनाबाद इलाक़े में अबतक एचआइवी पॉजिटिव 173 मरीजों की शिनाख्त डिवीज़नल अस्पताल हुसैनाबाद में काम कर रहे आइसीटीसी ने की है। आइसीटीसी के काउंसेलर शशिभूषण सिंह ने बताया कि डिवीज़नल अस्पताल में आइसीटीसी जुलाई 2008 से शुरू की गयी है।

इस सेंटर में जांच के बाद दवा भी दी जाती है। उन्होंने बताया कि तहक़ीक़ात से यह मालूम हुआ है कि जितने मरीजों की शिनाख्त हो पाती है, उससे दस गुना ज़्यादा मरीज उस इलाक़े में पाये जाते हैं। हुसैनाबाद शहर में रेड लाइट एरिया है। सिर्फ वहां एचआइवी पॉजिटिव सात मरीज हैं। यह तादाद ज़्यादा भी हो सकती है, क्योंकि दीगर ने कही और जांच कराया होगी तो उसकी जानकारी मुक़ामी आइसीटीसी को नहीं है। मिस्टर सिंह ने कहा कि इस इलाक़े से पलायन कर लोग मुल्क के मुखतलिफ़ जगहों पर रोजी-रोटी के लिए जाते हैं। एचआइवी पॉजिटिव मरीजों में ज़्यादा तादाद वैसे ही लोगों की है। उन्होंने कहा कि यह तादाद आबादी का 0.5 फीसद है। इतने एचआइवी पॉजिटिव मरीज पलामू जिला ही नहीं बल्कि रियासत के एक-दो जिले को छोड़ कर कहीं नहीं हैं।

कब कितने मरीजों की हुई शिनाख्त

जुलाई 2008 से दिसंबर 2008 तक 16
2009 में 38, 2010 में 16
2011 में 24
2012 में 28
2013 में 27
2014 में 20
2015 में अबतक चार मरीजों की शिनाख्त डिवीज़नल अस्पताल हुसैनाबाद में जांच के दौरान हुई है। काउंसेलर मिस्टर सिंह ने बताया कि अबतक 22159 लोगों की एचआइवी जांच की गयी है। इनमें कुल 173 पॉजिटिव पाये गये हैं।

कैसे होगा कंट्रोल

एड्स पर कंट्रोल कैसे पाया जा सकता है, इस सवाल पर काउंसेलर शशिभूषण सिंह ने कहा कि बेदारी मुहिम ही एड्स से बचाव है। एड्स से बचाव की जानकारी गांव-गांव में मुखतलिफ़ प्रोग्राम के जरिये दी जा रही है। ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता और पोषण समिति की महाना बैठक में बाकायदा इस मौजू पर बहस की जाती है। वहीं सहिया, बीटीटी, एएनएम की तरफ से देही सतह की बैठक, सेहत सेंटर व आंगनबाड़ी सेंटरों के जरिये भी लोगों को बेदार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बेदारी के लिए साल में कई बार कैंप लगा कर जानकारी व बचाव के उपाय भी लोगों को बताये जाते हैं। हमाल खातून का रिजिस्ट्रेशन के वक़्त ही एचआइवी जांच किया जा रहा है।

TOPPOPULARRECENT