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2जी घोटाला: सब कुछ जानते थे पीएम

नई दिल्ली, 20 अप्रैल: 2जी स्पेक्ट्रम अलाटमेंट घोटाले की जांच कर रही जेपीसी की रिपोर्ट में वज़ीर ए आज़म मनमोहन सिंह और फायनेंस मिनिस्टर पी. चिदंबरम को क्लीन चिट दिए जाने के खिलाफ अपोजिशन ने जुमे के दिन हुकूमत पर हल्ला बोल दिया।

नई दिल्ली, 20 अप्रैल: 2जी स्पेक्ट्रम अलाटमेंट घोटाले की जांच कर रही जेपीसी की रिपोर्ट में वज़ीर ए आज़म मनमोहन सिंह और फायनेंस मिनिस्टर पी. चिदंबरम को क्लीन चिट दिए जाने के खिलाफ अपोजिशन ने जुमे के दिन हुकूमत पर हल्ला बोल दिया।

अपोजिशन ने साझा तौर पर रिपोर्ट खारिज करते हुए इल्ज़ाम लगाया है कि हुकूमत ने जेपीसी की आड़ में सच्चाई का गला घोंटा है। बीजेपी , वामदलों, डीएमके के साथ ही अन्ना डीएमके ने हुकूमत की मंशा पर सवाल उठाए हैं। 2जी मामले के मुल्ज़िम और डीएमके के लीडर ए.राजा ने भी रिपोर्ट को सिरे से नकार दिया है। उन्होंने कहा कि सब कुछ पीएम से डिसकस ( बातचीत )करके किया। खुद को बेगुनाह साबित कर दूंगा। जेपीसी को नोट भेजूंगा, उम्मीद है,वे मुझे बुलाएंगे।’ ऐसे में साफ है कि पीर के दिन से शुरू हो रहे बजट सेशन के दूसरे मरहले भाग में 2जी स्पेक्ट्रम अलाटमेट का मामला फिर से गरमाएगा और बोहरान गहराएगा।

कई वजूहात से तनाजे के घेरे में रही जेपीसी ने ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार कर मेम्बरों को बांट दी है। जुमे के दिन राज्यसभा में लीडर अरुण जेटली ने शक जताया कि जिस तरह वज़ीर ए आज़म मनमोहन सिंह और फायनेंस मिनिस्टर पी. चिदंबरम को क्लीन चिट दी गई है, उससे साफ हो गया है कि इसका भी वही हश्र होगा जो बोफोर्स की जांच का हुआ था।

जेटली ने कहा, उस वक्त के टेलीकाम मिनिस्टर ए. राजा के खतो से साफ है कि जो कुछ उन्होंने किया वह वज़ीर ए आज़म और फायनेंस मिनिस्टर को मालूम था। एनडीए की पालीसीयों पर जिम्मेदारी थोपकर हुकूमत ने अपनी गलती छिपाने की कोशिश की है। जेटली के साथ-साथ राज्यसभा में बीजेपी के लीडर रविशंकर प्रसाद ने भी मेम्बरो से पहले मीडिया तक ड्राफ्ट रिपोर्ट लीक होने पर सवाल उठाया। रविशंकर ने कहा, ड्राफ्ट रिपोर्ट ‘कांग्रेस रिपोर्ट’ की तरह दिख रही है। कांग्रेस में यह हड़बड़ी भी थी कि मेमबर बहस करें उससे पहले ही अपने लीडरों को बरी कर दिया जाए। बीजेपी लीडरने कहा, यह पार्लीमानी खुसुसी इख्तेयारात का भी सवाल है।

भाकपा एपपी और जेपीसी रुकन गुरुदास दासगुप्ता और डीएमके के लीडर एम.करुणानिधि ने भी रिपोर्ट पर सवाल खड़े किए। गुरुदास ने कहा, एनडीए पर जिम्मेदारी थोपकर हुकूमत अपना बचाव नहीं कर सकती है। इसमें फायनेंस मिनिस्टर की भी भागीदारी है। हुकुमत को पार्लियामेंट में इसका सामना करना पड़ेगा। वहीं करुणानिधि ने सिर्फ राजा को कठघरे में खड़े किए जाने पर ऐतराज जताय। उन्होंने कहा, यह कोई यकीन नहीं कर सकता है कि कोई वज़ीर वज़ीर ए आज़म को गुमराह करेगा। पूरे मामले पर सही तरह से फैसला होना चाहिए।

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