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20 हजार करोड़ से बनेगा मधेपुरा रेल इंजन फैक्टरी

मधेपुरा : रेल वज़ारत ने पीर को बिहार के सालों से जेरे अल्तवा चली आ रही दो रेल इंजन कारखाना की टेंडर अमल को पूरा कर लिया। मधेपुरा में 20 हजार करोड़ की लागत से रेल इलैक्ट्रिक इंजन कारखाने की तामीर होगा। जबकि छपरा के मढ़ौरा में डीजल इंजन कारखाना की तामीर करीब 15 हजार करोड़ की रकम से होगा। मधेपुरा में बनने वाले इलैक्ट्रिक रेल इंजन कारखाना की तामीर की जिम्मेदारी फ्रांस की सबसे बड़ी ट्रांसपोर्ट कंपनी ऑल्सटॉम को दी गयी है।

वहीं मढ़ौरा में बनने वाले डीजल इंजन कारखाना की तामीर अमेरिकी कंपनी जेनरल इलेक्ट्रिक कंपनी करेगी। ये दोनों प्रोजेक्ट पूरी तरह से एफडीआइ पर मुबनी है। यह वजीरे आजम की मेक इन इंडिया की अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।

इसके बारे में ग्रीन फील्ड इलैक्ट्रिक रेल इंजन कारखाना के चीफ इंजीनियर राजेश कुमार ने बताया कि जल्द ही रेल इंजन कारखाना तामीर का काम शुरू हो जायेगा। जमीन के हुसूल के लिए जिला इंतेजामिया की तरफ से मांगी गयी रकम रेल वुजरा ने मुहैया करा दी है। गौरतलब है कि गुजिशता एक नवंबर को जब वजीरे आजम नरेंद्र मोदी मधेपुरा आये थे तो उन्होंने इंतिख़ाब के बाद मधेपुरा में जेरे अल्तवा रेल इंजन प्रोजेक्ट को रफ्तार देने की बात कही थी। 2007 में मौजूदा रेल वज़ीर लालू प्रसाद यादव ने मधेपुरा और मढ़ौरा में रेल इंजन कारखाना बनाने की एलान की थी लेकिन अब तक रेलवे रकम के फुकदान का रोना रोती रही थी।

इंचार्ज जिला ज़मीन हुसूल ओहदेदार अरूण कुमार झा ने बताया कि रेल इंजन कारखाना के लिए जमीन हुसूल का काम काफी वक़्त से चल रहा था। जंगी सतह पर तैयारी कर ज़मीन हुसूल की ड्राफ्ट तैयार करते हुए एस्टीमेट की तामीर भी कर लिया गया था। ज़मीन हुसूल में इसकी जद में आने वाले ज़मीन के मालिक को करीब 58 करोड़ रूपये मुआवजा दिया जायेगा।

मौजूदा रेल वज़ीर लालू प्रसाद यादव के मुद्दत में मधेपुरा में रेल इंजन कारखाना के लिए श्रीपुर चकला गांव के पास तीन सौ एकड़ जमीन एकवाइर कर कारखाना तामीर की सिम्त में महकमा कार्रवाई पूरा की गयी थी। इसके बाद अकवाइर की गयी जमीन के खाता खेसरा के साथ कई अखबारों में गजट भी शाया किया गया।

जब तक लालू यादव रेल वज़ीर रहे, तब तक रेल वज़ारत की तरफ से काफी जोश के साथ कागजी अमल पूरी की जाती रही। इसी दौरान सैकड़ों ज़मीन मालिकों को मुआवजा भी दे दिया गया था। लेकिन लालू यादव के रेल वज़ीर से हटते ही वुजरा कारखाना तामीर के सिम्त में सुस्त पड़ गयी।

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