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2000 मैच फिक्सिंग :चार्ज शीट में गिब्स-बूए शामिल नहीं

सन 2000 के मैच फिक्सिंग स्कैंडल के 13 साल बाद जिसमें साबिक़ जुनूबी अफ़्रीक़ी कप्तान हंसी क्रोनिए शामिल थे और जिसने दुनिया ए क्रिकेट को दहला डाला था, दिल्ली पुलिस ने कल इस केस में चार्ज शीट दाख़िल की है जिसमें क्रोनिए के हमवतन क्रिकेटर्

सन 2000 के मैच फिक्सिंग स्कैंडल के 13 साल बाद जिसमें साबिक़ जुनूबी अफ़्रीक़ी कप्तान हंसी क्रोनिए शामिल थे और जिसने दुनिया ए क्रिकेट को दहला डाला था, दिल्ली पुलिस ने कल इस केस में चार्ज शीट दाख़िल की है जिसमें क्रोनिए के हमवतन क्रिकेटर्स हर्शल गिब्स और निक्की बूए के नाम शामिल नहीं किए गए हैं।

क्रोनिए जिनकी उनके वतन में किंग्स कमीशन आफ़ इंक्वायरी ने सरज़निश की थी, उन्हें नामज़द किया गया है लेकिन उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई उनके इंतिक़ाल के तनाज़ुर में मस्दूद समझी जाएगी। दिल्ली पुलिस के क्राईम ब्रांच ने क्रोनिए, संजीव चावला, राजेश कालरा, मनमोहन ख़तर, सुनील दारा उर्फ़ बिट्टू और किशन कुमार बिरादार के इलावा बानी टी सीरीज़ मक़्तूल गुलशन कुमार को इस केस में मुल्ज़िमीन के तौर पर नामज़द किया है और उनके ख़िलाफ़ आई पी सी के तहत धोखादही और मुजरिमाना साज़िश के जराइम के ज़िमन में फ़र्द-ए-जुर्म आइद की है। पुलिस ने अपनी 93 सफ़हात की चार्ज शीट में कहा कि क्रोनिए जो 2002 में तय्यारे के हादसे में फ़ौत होगए, उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं हो सकती। जबकि दीगर 5 मुल्ज़िमीन को इस केस में इस्तिग़ासा का सामना करने के लिए तलब किया जाये।

गिब्स ने किंग्स कमीशन के रूबरू एतराफ़ कर लिया था कि उन्हें क्रोनिए ने नाक़िस मुज़ाहरे के लिए रकमी पेशकश की थी जबकि बूए ने इस मामले में अपने रोल की तरदीद(खंडन) की थी। चार्ज शीट में कहा गया कि माक़ूल सबूत ये साबित करने के लिए मौजूद है कि मुल्ज़िमीन ने फ़रवारी- मार्च 2000 में हिंदुस्तान और जुनूबी अफ़्रीक़ा के दरमियान हिंदुस्तान में हुए मैचों को फिक्स करने के लिए साज़िश की थी। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने आईपी एल स्पॉट फिक्सिंग स्कैंडल में एक सट्टे बाज़ की ज़मानते अर्ज़ी की मुख़ालिफ़त करते हुए यहाँ की अदालत को बताया कि फ़ोन काल रिकॉर्ड्स के बारे में सी एफ़ एस एल की रिपोर्ट दाख़िल की जाएगी जिससे ये साबित होजाएगा कि मुल्ज़िमीन रास्त या बिलवासता तौर पर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इबराहीम की ईमा पर काम कर रहे थे।

सीनीयर पब्लिक प्रॉसिक्यूटर राजीव मोहन ने एडीशनल सेशन जज रेनू भटनागर को बताया कि एक दो दिन में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की जानिब से सेंट्रल फ़ारेनसिक साईंस लेबारेटरी (सीएफ़एसएल) रिपोर्ट दाख़िल की जाएगी जो अंडरवर्ल्ड से मुबय्यना रवाबित रखने वाले क्रिकेटर्स और सट्टेबाज़ों की जानिब से किए गए फ़ोन से मुताल्लिक़ होगी। मोहन ने इल्ज़ाम आइद किया कि सट्टेबाज़ जितेन्द्र कुमार जैन आई पी एल में स्पॉट और सेशन फिक्सिंग में मुलव्वस गुजरात की सिंडीकेट अहमदाबाद के लिए चीफ़ फाइनैंसर था। उन्होंने अदालत को बताया कि जैसे ही सी एफ़ एस एल रिपोर्ट पेश करदी जाये वो अपने रूबरू ज़ेर तसफ़िया ज़मानत अर्ज़ियों का फ़ैसला कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये रिपोर्ट तमाम 29 गिरफ़्तार शूदा मुल्ज़िमीन की आवाज़ की पहचान क़ायम कर सकती है, जिनमें से 21 ज़मानत पर हैं, जो दाऊद और छोटा शकील के साथ बात करते पाए गए।

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