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2002 फ़सादाद को फ़रामोश कर दिया जाये

पाकिस्तान के मुमताज़ आलम दीन अल्लामा ताहिर उल-क़ादरी ने जो मुख़ालिफ़ दहश्तगर्दी मौक़िफ़ के लिए शोहरत रखते हैं , 2002 गोधरा फ़सादाद के बारे में पूछे जाने पर कहा कि अवाम अपने माज़ी को फ़रामोश कर दें और इस बात को यक़ीनी बनाए कि मुस्तक़बिल में इस त

पाकिस्तान के मुमताज़ आलम दीन अल्लामा ताहिर उल-क़ादरी ने जो मुख़ालिफ़ दहश्तगर्दी मौक़िफ़ के लिए शोहरत रखते हैं , 2002 गोधरा फ़सादाद के बारे में पूछे जाने पर कहा कि अवाम अपने माज़ी को फ़रामोश कर दें और इस बात को यक़ीनी बनाए कि मुस्तक़बिल में इस तरह के फ़िर्कावाराना फ़सादाद रौनुमा ना हों।

अल्लामा ताहिर उल-क़ादरी को दहश्तगर्दी की मुज़म्मत पर पाकिस्तान में मुख़्तलिफ़ तंज़ीमों बिशमोल तालिबान की धमकीयों का सामना है वो कर जान में वाक़्य मिनहाज उल-क़ुरआन इंटरनैशनल की दावत पर गुजरात आए हुए हैं । बर्तानिया में वाक़्य इस मर्कज़ी इदारा के सरबराह ख़ुद अल्लामा ताहिर उल-क़ादरी हैं । 2002 फ़सादाद के बारे में जब उनसे तबसिरा की ख़ाहिश की गई तो उन्होंने अख़बारी नुमाइंदों को बताया कि अपने माज़ी को भूल कर मुस्तक़बिल की फ़िक्र करें और इस बात को यक़ीनी बनाया जाये कि ऐसे वाक़ियात कभी रौनुमा ना हो ।

उन्होंने सिक़्योरटी की फ़राहमी पर चीफ़ मिनिस्टर नरेंद्र मोदी से इज़हार-ए-तशक्कुर किया । मुक़ामी अवाम ने उन्हें बताया कि रियासत में फ़िर्कावाराना हम आहंगी को फ़रोग़ मिल रहा है और गुज़श्ता दस साल के दौरान गुजरात के किसी भी हिस्सा में फ़िर्कावाराना तशद्दुद का कोई वाक़्या पेश नहीं आया।

उन्होंने हकूमत-ए-पाकिस्तान और हिंदूस्तान को भी दिफ़ाई मसारिफ़ कम करते हुए यही रक़म ग़रीब अवाम की बहबूद पर ख़र्च करने का मश्वरा दिया । अल्लामा ताहिर उल-क़ादरी 18 मार्च तक मुल्क के मुख़्तलिफ़ हिस्सों बिशमोल हैदराबाद का दौरा और ख़िताब करेंगे |

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