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2011 की जनगणना में कादियानी को मुसलमान दिखाना गलत -जमाते इस्लामी

भारत सरकार द्वारा कराई गई 2011 की जनगणना में कादियानी को मुसलमानों के रूप में दिखाए जाने पर जमाते इस्लामी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे गलत और भ्रामक प्रचार बताते हुए मुसलमानों के लिए इसे अस्वीकार्य करार दिया है।

जमाते इस्लामी के महासचिव मोहम्मद सलीम इंजीनियर ने कहा कि ऐसा साजिश और शरारत फैलाने के तहत किया गया है। यह कठोर निंदनीय भी है जमात ने भारत सरकार से गुज़ारिश की है त्रुटि सुधार करके उन्हें भरोसा मुसलमानों से अलग एक समूह के रूप में किया जा चाहिए।

इंजीनियर मोहम्मद सलीम ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि भारत विभाग जनगणना पूरी दुनिया में चर्चा और बातचीत के बाद बनने वाले इस निष्कर्ष से क्यों परिचित नहीं है कि कादियानी इस्लाम से बाहर बताया गया था

।गौरतलब है कि कादियानी 1839 में कादियानी में जन्मे मिर्जा गुलाम अहमद अल्लाह को अपने लियें संदेशवाहक मानते हैं जबकि दुनिया भर के मुसलमानों का मूल सिद्धांत है कि हज़रत मोहम्मद पैगंबर अल्लाह के अंतिम पैगंबर हैं। उनके बाद न कोई पैग़म्बर आया है और न आगे आएगा। कुरान और हदीस में निर्दिष्ट है और पूरी दुनिया के मुसलमानों का विश्वास है कि कोई भी व्यक्ति जो इसके विपरीत विश्वास रखता हो वह मुसलमान नहीं हो सकता।

पार्टी के महासचिव ने सरकार से मांग की कि वह जनगणना की इस त्रुटि सुधार करे और आगामी जनगणना के अवसर पर इसे दोहराने से बचना चाहिए।

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