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4.5 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात का फ़ैसला, मुस्लमानों केसाथ फ़रेब

हैदराबाद । 25 दिसमबर (प्रैस नोट) मुहम्मद इफ़्तिख़ार उद्दीन अहमद ऐडवोकेट रियास्ती सदर आंधरा प्रदेश मुस्लिम रिज़र्वेशन फ्रंट ने मर्कज़ी काबीना की जानिब से मंज़ूर करदा अक़ल्लीयतों के लिए 4.5 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात को मुस्लमानों के साथ

हैदराबाद । 25 दिसमबर (प्रैस नोट) मुहम्मद इफ़्तिख़ार उद्दीन अहमद ऐडवोकेट रियास्ती सदर आंधरा प्रदेश मुस्लिम रिज़र्वेशन फ्रंट ने मर्कज़ी काबीना की जानिब से मंज़ूर करदा अक़ल्लीयतों के लिए 4.5 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात को मुस्लमानों के साथ एक धोका क़रार देते हुए कहा कि तमाम अक़ल्लीयतों, सुख, ईसाई, पार्सी और बुद्धिस्ट के साथ साथ मुस्लमानों को ओ बी सी तबक़ात को फ़राहम किए गए 27 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात में से ज़ेली कोटा के ज़रीया अक़ल्लीयतों को तहफ़्फुज़ात देने का मर्कज़ी काबीना ने फ़ैसला किया है ।

मुल्क में मुस्लमानों की समाजी और मआशी पसमांदगी का पता लगाने के लिए मर्कज़ी हुकूमत कीजानिब से क़ायम किए गए सच्चर कमेटी ने वाज़ेह तौर पर कहा है के मलिक के मुस्लमान दलितों से भी बदतर ज़िंदगी गुज़ारने पर मजबूर हैं। अंग्रेज़ों के दौर-ए-इक्तदार में समाज के पिछड़े तबक़ात के लिए 1936-ए-में तहफ़्फुज़ात फ़राहम किए थी, जिस में मुस्लमान भी शामिल थी। 1950ए- में सदारती हुक्मनामा के ज़रीया मुस्लमानों, सिखों, ईसाईयों को दलितों के ज़मुरा से ख़ारिज करदिया गया।

बादअज़ां सयासी मुफ़ादात के मद्द-ए-नज़र बुद्धिस्टों और सिखों को दस्तूरी तरमीम के ज़रीया दलितों की फ़हरिस्त में शामिल करलिया गया। सिर्फ मुस्लमानों और ईसाईयों को दलित रिज़र्वेशन की सहूलत से महरूमकरदिया गया। मर्कज़ में बरसर-ए-इक़तिदार कांग्रेस हुकूमत उत्तरप्रदेश के असैंबली इंतिख़ाबात के मद्द-ए-नज़र मुस्लमानों को लुभाने केलिए तहफ़्फुज़ात देने का ऐलान करते हुए फिर एक बार बेवक़ूफ़ बनाने की कोशिश कररही है। ओ बी सी तबक़ात को फ़राहमकरदा 27 फ़ीसद कोटा के अंदर अक़ल्लीयतों को 4.5 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात फ़राहम करने के ऐलान से दीगर पसमांदा तबक़ात की मुख़ालिफ़त और मुस्लमानों और दीगर पसमांदातबक़ात के दरमयान इख़तिलाफ़ात पैदा करने की साज़िश की जा रही है।

आंधरा प्रदेश मुस्लिम रिज़र्वेशन फ्रंट ने मर्कज़ की बरसर-ए-इक़तिदार कांग्रेस हुकूमत से मुतालिबा किया कि जस्टिस रंगनाथ मिश्रा कमीशन की सिफ़ारिशात को रूबा अमल लाते हुए मुस्लमानों को 10 फ़ीसद और ईसाईयों को 5 फ़ीसद अलहदा तहफ़्फुज़ात का ऐलान करे। इसी तरह दस्तूर की दफ़ा 341 में तरमीम करते हुए दलित मुस्लमानों और दलित ईसाईयों को दलितों की फ़हरिस्त में शामिल किया जाए। रिज़र्वेशन मुस्लमानों का दस्तूरी हक़ है और अपने हक़ केहुसूल के लिए मुस्लिम अरकान-ए-पार्लीमैंट को चाहीए कि जमहूरी तरीक़ों को इख़तियार करते हुए मुल्क गीर सतह पर तहरीक चलाएं।

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