Wednesday , July 26 2017
Home / Uttar Pradesh / 403 सीटों पर दो घंटे में भाजपा चुनाव समिति ने कर डाली चर्चा

403 सीटों पर दो घंटे में भाजपा चुनाव समिति ने कर डाली चर्चा

सियासत संवाददाता, लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी की चुनाव समिति की पहली बैठक लखनऊ में मंगलवार हुई। बैठक के बाद फैसला ये हुआ कि प्रदेश अध्यक्ष प्रत्याशियों की चयन प्रक्रिया के लिए अधिकृत कर दिए गए। बैठक दो घंटे तक चली और 403 सीटों पर चर्चा हुई। मतलब एक विधान सभा सीट पर कुल 30 सेकंड की चर्चा हुई।

इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और उमा भारती नहीं शामिल हुए। लेकिन पार्टी ने दावा किया कि उन्होंने अपने सुझाव फोन से दे दिए है। समिति क्या चर्चा करती जब उसके सदस्यों को अपनी और अपने लोगों की ज्यादा चिंता हैं। राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह भी चुनाव लड़ना चाहते हैं। दूसरी तरफ उमा भारती के समर्थकों के भी अपनी दावेदारी है।  केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र अपने बेटे अमित मिश्र के लिए टिकट चाहते है। दो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्यप्रताप शाही अपने लिए और आईएम प्रकाश सिंह अपने बेटे के लिए टिकट चाहते है। वहीं लक्ष्मीकांत बाजपेई और सुरेश खन्ना खुद विधायक है और चुनाव लड़ना हैं।

इसके अलावा मेयर दिनेश शर्मा का नाम भी उम्मीदवारों की दौड़ में है। केंद्रीय मंत्री रमाशंकर कठेरिया की पत्नी चुनाव लड़ने की इच्छुक है, तो वहीं महिला प्रकोष्ट की प्रदेश अध्यक्ष स्वाति सिंह के पति दया शंकर सिंह भले पारी में न हो लेकिन दावेदारी बलिया जिले में है। बाहर से आए हुए नेता स्वामी प्रसाद वर्मा अपने बेटा और बेटी के लिए, ब्रिजेश पाठक अपनी पत्नी के लिए, रीता बहुगुणा जोशी अपने लिए या अपने बेटे के लिए टिकट चाहते है। ऐसे में चर्चा क्या होगी।

बैठक के दौरान सबसे ज्यादा दिलचस्प बात ये हुई कि प्रदेश कार्यालय में ही कानपूर की आर्यनगर सीट के विधायक सलिल विश्नोई के खिलाफ पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर दिया। उनका कहना था कि भाजपा से प्यार है लेकिन सलिल विश्नोई नहीं स्वीकार है। बाहर प्रदर्शन हो रहा था और अन्दर विश्नोई समिति के सदस्य के रूप में मौजूद थे।

बैठक के बाद ओम माथुर ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष को अधिकृत कर दिया गया हैं। वैसे भी अध्यक्ष ही केंद्रीय समिति को सूची देता है। इतने हलके रूप में बैठक होने से कार्यकर्ताओं में गुपचुप बातें शुरू हो गई कि लिस्ट पहले से ही तैयार है और अब सब कुछ दिल्ली से ही होना है। सरकार बनाने का दावा करने वाली भाजपा के पहली चुनाव समिति बैठक अपनी तरफ से कोई कदम नहीं उठा सकी।

TOPPOPULARRECENT