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ए आर रहमान आम लोगों से गीत के लिए मांगी नई लाइनें

मुंबई : साल 1994 में फिल्म कधालन का एक गाना ‘उर्वसी-उर्वसी, टेक इट ईज़ी पॉलिसी’ देश भर में काफ़ी हिट हुआ था. शुरुआती वर्ज़न तमिल में था, लेकिन गाने ने इस क़दर धूम मचाई कि इसका हिंदी वर्ज़न भी आया और छा गया. 22 से ज़्यादा साल गुज़रने के बाद दिग्गज संगीत निर्देशक ए आर रहमान ने फिर इस गाने के जादू को दोहराने की कोशिश की है. और इस बार गाने में सिर्फ मौज-मस्ती से आगे जाकर कुछ संजीदा मुद्दों को भी जगह दी गई है. ख़ास बात ये है कि ‘उर्वसी-उर्वसी, टेक इट ईज़ी पॉलिसी’ के नए गीत के लिए रहमान ने ‘क्राउडसोर्स’ का सहारा लिया. इसका मतलब ये है कि उन्होंने आम लोगों से गीत में शामिल करने के लिए नई लाइनें मांगी और जनता ने उन्हें निराश नहीं किया.

और यही वजह है कि ‘टेक इट ईज़ी पॉलिसी’ (यानि टेंशन लेने की ज़रूरत नहीं है) की पैरवी करने वाले इस गाने में आपको अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव से लेकर नोटबंदी तक का मुद्दा मिल जाएगा. दिलचस्प है कि 1 दिसंबर को रहमान ने फ़ेसबुक पर अपने फ़ोलोअर्स से गीत में क्या शामिल करें, इसका मशविरा मांगा था और साथ ही लिखा था, ”और ज़ाहिर है, हिलेरी क्लिंटन, डोनल्ड ट्रंप या करेंसी से जुड़ी दिक्कत का ज़िक्र ना करें.” लेकिन नए गाने में इन दोनों का ज़िक्र मिल जाएगा.

तमिल में गाने के बोल कुछ इस तरह हैं, ‘अनेरू रुबा सेल्लमा पोना, टेक इट ईज़ी पॉलिसी.’ इसका मतलब ये है कि अगर 500 और 1000 के करेंसी नोट बेकार हो गए हैं तो भी घबराने की ज़रूरत नहीं. गाने की एक लाइन ये है, ‘डोनल्ड ट्रंप प्रेसिडेंट आना, टेक इट ईज़ी पॉलिसी.’ मायने ये है कि अगर डोनल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बन गए हैं, तो भी घबराने की ज़रूरत नहीं है. ये गीत एमटीवी के प्रोग्राम अनप्लग्ड का हिस्सा है और सोशल मीडिया पर चर्चा में है.

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