Tuesday , September 26 2017

भारत-पाक के एनएसए की ‘गुपचुप’ मुलाकात से सियासत गरम, विपक्ष ने मांगा पीएम से जवाब

नई दिल्‍ली: बैंकॉक में भारत और पाकिस्‍तान के राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) की हुई गुपचुप मुलाकात मामले पर सियासत गरमा गई है। विपक्ष में इस मुद्दे पर सोमवार को सरकार पर निशाना साधा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में स्‍पष्‍टीकरण की मांग की।

संसद में कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री से इस मामले में बयान की मांग की गई। कांग्रेस सांसद और पूर्व कैबिनेट मंत्री आनंद शर्मा ने मामला उठाते हुए कहा, ‘इस मामले में संसद को जानकारी दी जानी चाहिए। इस पूरी बातचीत को लेकर संसद अभी तक अनभिज्ञ है।’ उन्‍होंने कहा कि एनएसए स्‍तर की बातचीत करना एक तरह से संसद का अपमान है।

सुषमा स्‍वराज देंगी गुरुवार को बयान
केंद्रीय मंत्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज इस मसले पर गुरुवार को बयान देगी। सुषमा अफगानिस्‍तान कॉन्‍फ्रेंस में हिस्‍सा लेने के लिए मंगलवार को पाकिस्‍तान रवाना हो रही हैं।

विपक्ष ने कहा, ‘यह तो धोखा है ‘
दूसरी ओर, सरकार ने इस बातचीत को एक तरह का धोखा करार दिया है। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा, ‘यह एक बड़ा धोखा है।’ तृणमूल कांग्रेस नेता सौगत राय ने कहा, ‘इसे इतना गोपनीय क्‍यों रखा गया। बातचीत को लेकर आखिर इस तरह की उहापोह की स्थिति क्‍यों है।’

सुरक्षा, आतंकवाद और जम्‍मू-कश्‍मीर मुद्दे पर चर्चा हुई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्‍तानी समकक्ष नवाज शरीफ जब दो सप्‍ताह पहले पेरिस में मिले तब बैंकॉक की इस बैठक को हरी झंडी दी गई थी। करीब चार घंटे तक चली इस बैठक में सुरक्षा, आतंकवाद और जम्‍मू-कश्‍मीर के मसले पर बातचीत हुई।

सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी ने एनएसए स्‍तर की इस मीटिंग के लिए पहल की, पीएम और शरीफ जब रूस के उफा में मिले थे, यह बैठक उस समय लिए गए फैसले का हिस्‍सा थी। जानकारी के मुताबिक, यह बैठक प्रधानमंत्री के अगले साल सार्क समिट के लिए पाकिस्‍तान के दौरे के लिए आधार तैयार करेगी।

TOPPOPULARRECENT