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बीजेपी सरकार UCC के जरिए आरएसएस कोड लाने की कोशिश ना करें- शहज़ाद पूनावाला

अब्दुल हमीद अंसारी, नई दिल्ली। देश भर में तीन तलाक़ और यूसीसी यानी समान नागरिक संहिता पर खूब बहस चल रही है। जहां मोदी सरकार और आरएसएस मानसिकता के लोग इसको लागू करने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं, वहीं देश भर में मुस्लिम संगठनों द्वारा जबर्दस्त विरोध किए जा रहे है। देश भर में हर दिन कहीं ना कहीं इसके खिलाफ लोग सड़कों पर उतर रहे हैं या फिर किसी ना किसी प्रोग्राम के जरिए इसका सख्त मुखालफत कर रहे हैं।

आज दिल्ली में भी इस मुद्दे पर एक प्रोग्राम का आयोजन किया गया। “अल इंडिया तंजीम उलामा -ए- इस्लाम” के बैनर तले दिल्ली के शास्त्री नगर पार्क की कादरी मस्जिद पर हजारों मुसलमानों ने जमा हो कर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए “समान नागरिक संहिता” (UCC) थोपने की कोशिश का विरोध किया। इस प्रोग्राम में मुस्लिम समाज से जुड़े कई स्कॉलर, धर्म गुरुओं ने शिरकत की। लेकिन अपने भाषणों के जरिए कांग्रेस के सीनियर और युवा नेता शहज़ाद पूनावाला ने जम कर मोदी सरकार पर हमला बोला।
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सभी सच्चाईयों को उजागर करते हुए शहज़ाद पूनावाला ने अपनी तक़रीर में कहा कि यह लड़ाई सिर्फ़ ‘मुस्लिम पर्सनल लॉ’ बचाने की नहीं बल्कि इस देश की संविधान बचाने की है। केवल मुस्लिम ही नहीं इस मुल्क का हर बाशिंदा अपने मज़हब को चाहता है। क्या हिंदू , सिख , इसाई या पारसी चाहते हैं कि UCC लग जाए? प्रधानमंत्री मोदी जी से पूछिये क्या उनके पूर्वज ‘RSS के गोलवलकर ने UCC की मुख़ालफ़त नहीं की थी?’ मोदीजी कहते है की मुस्लिम महिलाअों के हक़ की चिंता है। उनसे पूछिये “जाकीया जाफ़री , बिलकिस बानू, कौसर बी, अख़लाक़ की माँ , मिनहाज अंसारी अौर १० दिन से लापता JNU स्टूडेंट नजीब की मॉं को इंसाफ़ कब दिलवाएंगे?” जो महिलाएँ विधवा बन गई गुजरात दंगों में उनके हक़ की बात करे मोदी।

शहज़ाद पूनावाला ने कहा, महिलाअों के हक़ की बात वह शक्स कर रहा है जिसने अपनी बीवी को उसका हक़ नहीं दिया? जिसने दूसरे की बीवी को “५० करोड़ की गर्ल फ़्रेंड” कहा अौर अपने से कम उम्र की लड़की पर जासूसी करवाई? यह डबल स्टैंडर्ड लोगों को महिला अधिकार से कोई लेना देना नहीं है। यह बस UCC का मुद्दा उत्तर प्रदेश के चुनावों में भुनाना चाहते हैं अौर हिंदू – मुस्लिम के बीच सांप्रदायिकता का कीचड़ फैलाकर अपना कमल खिलाना चाहते है। कभी गाय पर चर्चा , कभी लव जिहाद , कभी कहना की भारत में रहनेवाले नबी मोहम्मद (PBUH) को नहीं मान सकते।

यह दिखाता है की असली अजेंडा UCC नहीं बल्कि RSS सिविल कोड लाना है, अौर हर हिंदू , मुस्लिम , सिख, इसाई इसकी मुख़ालफ़त करेगा। मज़हबी हक़ article 25 के तहत बुनियादी हक़ है अौर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कोई भी दार्शनिक सिद्धांत जैसे UCC उससे ऊपर नहीं है। क्या कोर्ट ग़लत है, जब वह कहता है कि इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा अौर जाग्रुक्ता की ज़रूरत है? एक तरफ़ हिंदू राष्ट्र की बात करनेवाले UCC की वकालत कर रहे हैं। मेरी चुनौती है मोदीजी से कि मैं UCC का क़ानून बनाउंगा पर पहले अाज गौ के मज़हब पर अाधारित क़ानून ख़त्म करके दिखाअो अौर दलित मुस्लिम दलित इसाई को अारक्षण दो अौर कहो हिंदू राष्ट्र नहीं है भारत , कहो RSS ग़लत है, उनका यह कहना ग़लत है। कहो की मनुस्मृति जिसकी वकालत RSS करती है अौर जो दलित अौर महिला विरोधी है।

उसमें दिए वर्ण व्यवस्था के ख़िलाफ़ जाकर अाप जाती प्रथा रोकेंगे? दलितों को मंदिर का पंडित बनने का समर्थन दोगे? UCC में मुसलमानों के साथ तालीम, नौकरी अौर इंसाफ़ में हो रहे फ़र्क़ रुकेगा ? शहज़ाद पूनावाला ने इनके खोकले तर्कों को बेनक़ाब कर दिया अौर सभी को BJP – RSS के नापाक मनसूबों से सतर्क रहने के लिए कहा।

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