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अजमेर ब्लास्ट के दोषी सुनील जोशी के साथ हुई बातचीत के बारे में योगी ने पुलिस को क्यों नहीं बताया?

अजमेर दरगाह विस्फोट मामले में 22 मार्च को देवेंद्र गुप्ता और भावेश पटेल को आजीवन कारावास की सजा हुई है। सजा तय करने से पहले एनआईए कोर्ट ने 8 मार्च को तीन आरोपियों को दोषी करार दिया था।

इनमें सुनील जोशी, भावेश और देवेंद्र गुप्ता को दोषी करार दिया गया था। देवेन्द्र गुप्ता (41) और भावेश पटेल (39) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रचारक थे। इस मामले के 11 अन्य आरोपियों के भी आरएसएस से लिंक थे। बता दें कि इसमें सुनील जोशी की मौत हो चुकी है।

लेकिन इन सब के बीच चौंकाने वाली बात ये है कि इस मामले से जुड़े एक संदिग्ध भरत मोहनलाल रतेशवर ने एनआईए को अपने बयान में बताया था कि ब्लास्ट मामले के दोषी सुनील जोशी जिसकी 2007 में मध्य प्रदेश में हत्या हो गई थी, की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुलाकात हुई थी।

बयान के मुताबिक रतेशवर ने कहा कि हम एक आश्रम के गेस्ट हाउस में रुके थे। रात के लगभग 9 बजे थे और मैं और जोशी आदित्यनाथ से मिलने उनके घर गए थे। वहां जाकर मैं कुछ दूरी पर खड़ा हो गया लेकिन जोशी आदित्यनाथ के करीब जाकर बैठ गया। दोनों धीमी आवाज में बातें कर रहे थे।

हालाँकि आदित्यनाथ का नाम पहले भी इस मामले में आया था जब स्वामी असीमानंद ने दिल्ली की तीस हजारी अदालत में एक मजिस्ट्रेट के सामने स्वीकार किया था।

राजस्थान एटीएस और एनआईए की जांच के मुताबिक बैठक आदित्यनाथ के गोरखपुर स्थित घर में मार्च-अप्रैल 2006 में हुई थी। एनआईए ने बाद में यह दावा भी किया था कि दिसंबर 2007 में जोशी की हत्या के बाद उसकी जेब से जो डायरी बरामद की गई थी उसमें योगी के कॉन्टैक्ट नंबर पाए गए थे।

असीमानंद ने मजिस्ट्रेट को बताया था कि साल 2006 में उन्होंने दो अन्य आरोपी सुनील जोशी और भारत रतेशवर को गोरखपुर आदित्यनाथ से मिलने के लिए भेजा था। जोशी वापस आए और मुझसे कहा कि आदित्यनाथ मदद नहीं कर रहे हैं।

अब सवाल उठता है कि इस मुलाकात के बारे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने पुलिस को रिपोर्ट क्यों नहीं की? क्या एनआईआई ने यह पता लगाने की कोशिश की कि ये दोनों कौन थे जो वहां जाकर योगी से मिले थे?

हालाँकि चार्जशीट में ऐसा कुछ नहीं है और इस मामले पर मीडिया में कोई रिपोर्ट भी नहीं है। ये भगवा आतंकवादी आदित्यनाथ से मिले या नहीं, का पता लगाया जाना बाकी है।

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