Wednesday , July 26 2017
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‘फ़र्ज़ी मुठभेड़’ में मारे गए मजदूर को प्रभात खबर ने बताया नक्सली!

इस महीने 9 तारीख को प्रभात खबर की वेबसाइट पर एक खबर पब्लिश की गई थी। ‘गिरिडीह: मुठभेड़ में मारा गया नक्सली, SLR बरामद’
इस खबर के साथ एक फोटो थी जिसमें एक शख्स मरा पड़ा था। इस शख्स के पास बंदूक और कारतूस रखे हुए थे।

इस खबर में दावा किया गया था कि 9 जून को सीआरपीएफ और गिरिडीह पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया था। लेकिन अब इस खबर पर सवाल उठाये जा रहे हैं।

दरअसल मज़दूर संगठन समिति और आदिवासी समाज ने दावा किया है कि मारा गया व्यक्ति नक्सली नहीं दुकानदार और मजदूर था। उनका कहना है कि वह पारसनाथ पहाड़ी पर एक दुकान चलाता था।

इसके साथ वह मज़दूरी का काम भी करता था। वह मज़दूर संगठन समिति रजिस्टर्ड डोली मज़दूर था, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर 2065 था।

मज़दूर संगठन समिति ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि निर्दोष को मार कर पुलिस उसे नक्सली बता रही है।

12 जून को दैनिक भास्कर ने इस खबर का खुलासा किया था, ‘फर्जी तरीके से दिखाया हथियार व कारतूस। सत्तू बेचता था मोतीलाल बास्के पुलिस ने नक्सली कह मार डाला।’

इसमें छपी खबर के मुताबिक,मोती लाल बास्के नक्सली नहीं था और न ही उसके पास कोई हथियार और कारतूस थे।

पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप बिल्कुल झूठ और निराधार है। मजदूर संगठन इस मामले की जांच की मांग कर रहा है। उन्होंने मोती लाल बास्के के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है।

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