Friday , July 28 2017
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अलवर: ‘पुलिस का रवैया भी गौ-रक्षकों से कम नही था, ICU से निकालकर मुझे थाने ले गई, इलाज भी नहीं कराया’

राजस्थान में गौरक्षक गुंडों के हमले में बुरी तरह घायल अजमत खान 13 दिन बाद गुरुवार सुबह मेडिकल जांच के लिए दिल्ली पहुंचे। अज़मत उन पांच पीड़ितों में से एक हैं जिन पर 1 अप्रैल को अलवर के पास हमला हुआ था।

इस हमले में पहलू खान (55) की मौत हो गई थी और वहीँ अज़मत घटना के बाद से बिस्तर पर हैं। उनका ओखला के अल-शफा मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल में चेक-अप कराया गया है।

डॉक्टरों ने कहा है कि दर्द की वजह हमले में उनके मस्तिष्क ऊतक पर आईं चोटें हैं। अजमत ने कहा कि जब मैं सांस लेता हूं तब पसलियों में दर्द होता है जो कम नहीं हो रहा है।

गुरूवार को अपने परिजनों के साथ व्हीलचेयर पर अस्पताल पहुंचे अज़मत को डॉक्टर ने आराम करने की सलाह दी है। बाद में डॉक्टरों के एक अन्य दल ने उनकी बायीं आंखों में चोट की जांच की।

अज़मत घटना को याद करते हुए कहते हैं कि गौरक्षकों द्वारा बुरी तरह पीटे जाने के बाद वे बिना इलाज पूरा दिन बहरोड़ पुलिस स्टेशन में पड़े रहे। अभी मुझमे दो कदम चलने की भी हिम्मत नहीं है।

उनके परिवार का कहना है कि अजमत की यह हालत पुलिस की गैर-जिम्मेदाराना हरकत की वजह से हुई है।

उनके भाई यूसुफ ने बताया कि इस हमले में होश खो चुके अजमत आईसीयू में भर्ती थे। इस बीच पुलिस तीन अन्य लोगों के साथ अजमत को पुलिस स्टेशन ले गई। यहां अजमत को पूरे दिन बिना इलाज ही रखा गया। इस वजह से उनकी हालत बिगड़ने लगी।

बाद इसके परिवार ने बहरोड़ स्टेशन पहुंचकर अजमत समेत तीनों लोगों को छोड़ने की लगातार विनती की।

अजमत ने कहा कि उनको पुलिस स्टेशन में फर्श पर ही सोना पड़ा। पुलिसवालों ने मुझे वहां लाने के पीछे की ना तो वजह बताई और ना ही मुझे अस्पताल वापस जाने दिया। फिर बाद में उनका सरकारी हसन खान मेवाती अस्पताल में इलाज कराया गया। उन्होंने कहा कि मेरे पास निजी अस्पताल में इलाज कराने के पैसे नहीं थे।

बाद में जमात-ए-इस्लामी हिंद के छात्र संगठन स्टूडेंट इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन (एसआईओ) के कुछ सदस्य उनसे मिले और उन्होंने इलाज कराने का फैसला किया।

एसआईओ के राष्ट्रीय सचिव सैयद अजहरुद्दीन ने कहा कि संगठन ने गाड़ी और अस्पताल के खर्चों का जिम्मा उठाया है। उन्होंने कहा कि जब हम गांव गए तो अजमत हिल-डुल भी नहीं सकते थे। अभी तक हमने उनके इलाज पर 10,000 रुपये खर्च किए हैं।

उन्होंने कहा कि संगठन पहलू खान के परिवार की भी मदद करने की कोशिश कर रहा है। हमें पता चला कि उस परिवार के पास अब गाय खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं। इसलिए हम उन्हें एक दुधारू गाय देंगे।

गुरुवार को आप के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिन्द भी पहलू खान के घर गए। पहलू खान के बेटे पटेल ने कहा कि राजनीतिक पार्टी के नेता परिवार से मिलने आ रहे हैं जिससे वे तंग आ गए हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि भाजपा का कोई भी नेता हमारे घर नहीं आया है।

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