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अर्द्धकुंभ घोटाला: सिर्फ समीक्षा बैठक में अफसरों ने लिया 1200 की थाली का स्वाद, खाने पर लाखों खर्च

लखनऊ: देश में घोटाले को अब कानूनी मान्यता देकर एक प्रस्ताव के साथ भ्रष्टाचार करने की खुली मिल जानी चाहिए। जब भी कोई कार्यक्रम होता है उसमें रिश्वतखोरी, कमीशनबाजी और लूट खसोट के बिना प्रोग्राम अ​धूरा लगता है।

अब ऐसा ही एक नया घोटाला सामने आया है जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामला है इलाहाबाद में होने वाले अर्द्धकुंभ मेले की तैयारी में खाने और नश्ते के नाम पर लूट का। दरअसल अभी अर्द्धकुंभ शुरू होने वाला है।

इसी के साथ खर्च की भी शुरुआत हो गई है। अगर सिर्फ खर्च की बात करें तो समीक्षा बैठकों में सिर्फ खाने और नाश्ते पर ही लाखो रुपये खर्च हो जाएंगे। दिसंबर और जनवरी में हुई दो बैठकों में जिला प्रशासन खाना और नाश्ते पर लाखों रुपये खर्च कर चुका है।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में अफसरोें ने 1200 रुपये प्रति प्लेट के हिसाब से खाना खाया। कई अन्य मद में हुए खर्च भी चौंकाने वाले हैं।

माघ मेला तथा अर्द्धकुंभ की तैयारियों के मद्देनजर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सात जनवरी को बैठक हुई थी। उसमें 1200 रुपये प्रति प्लेट की दर से एक लाख 80 हजार रुपये खाने पर खर्च हुए। इस तरह से बैठक में कुल 150 लोगों ने खाना खाया।

इससे पहले पिछले साल 12 दिसंबर को अखाड़ा परिषद के साथ हुई बैठक में 87,400 रुपये नाश्ते पर खर्च हुए। नाश्ते में बालू शाही, समोसा, मलाई रोल, काजू पिस्ता, चाय, पानी का बोतल, पनीर पकौड़ा, गोभी पकौड़ी, फ्रूट चाट आदि शामिल थे।

उसी दिन गंगा पूजन भी हुआ था। इसमें तीन लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च हुई। संतों को देने के लिए 1.60 लाख रुपये की तो शाल खरीदी गई थी।

बताया जा रहा है कुल 29 संत महात्माओं को शाल दी गई थी। इसी तरह से 100 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से अमरूद खरीदा गया था।

तत्कालीन मेला अधिकारी रहे आशीष मिश्रा ने बताया कि उन बैठकों और आयोजनों में खर्च का भुगतान हो चुका है। जो बिल आया था, उसी का भुगतान हुआ है।

हालांकि, 1200 रुपये प्रति प्लेट की दर से खाना मंगाए जाने की बात पर वह चौंके और कितना भुगतान हुआ है इस बारे में वह स्पष्ट नहीं बता पाए।

यूँ तो यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ काफी धार्मिक और सादगीपसंद माने जाते हैं। अब ये देखना होगा कि ​समीक्षा बैठक के नाम पर जनता के पैसों की लूट का कितना खुलासा होता है।

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