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पहलू हत्याकांड के चश्मदीद ड्राइवर का नाम FIR में नहीं, SP बोले- मैंने अर्जुन के बारे में नहीं सुना

पहलू खान हत्याकांड के एफआईआर से ड्राइवर अर्जुन लाल यादव का नाम सिरे से गायब कर दिया गया है।

जबकि अलवर में जब गौरक्षकों ने पहलू खान पर हमला किया था तब उनके साथ अर्जून लाल यादव भी थे। लेकिन पुलिस एफआईआर में उनका नाम नहीं है।

एफआईआर के मुताबिक, पहलू खान हरियाणा नंबर की एक गाड़ी में अपने दो बेटों इरशाद और आरिफ के साथ सवार थें। जबकि उनके दूसरे साथी अजमत और रफीक दूसरी गाड़ी में थे।

पुसिस से यह पूछे जाने पर कि एफआईआर में अर्जुन का नाम क्यों नहीं है तो अलवर के पुलिस एसपी राहुल प्रकाश ने कहा, “मैंने उसके बारे में नहीं सुना है।”

वहीं दूसरी तरफ ड्राइवर अर्जुन लाल यादव का कहना है कि उस दिन वो गाड़ी चला रहे थे। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को बताया है कि वो जिस ट्रक को चला रहे थे उसका नंबर RJ14 JE-7209 था। हमले की घटना में भी अर्जुन को देखा जा सकता है।

अर्जुन का भी कहना है कि घटना के रोज गौरक्षकों ने उन्हें चार-पांच थप्पड़ मारकर छोड़ दिया था और सीधे मुसलमानों पर पिल पड़े थे।

अर्जुन ने पूरे मामले का विस्तार से बताते हुए कहा, “अजमत और रफीक मेरे साथ थे। मैं उन्हें जानता नहीं था। हम बस जयपुर के हतवाड़ा मेले से खरीदी गयी गायों को लेकर जा रहे थे। हमारे पास नगरपालिका की रसीद थी। बहरोड़ के करीब दो-तीन मोटरसाइकल सवार आए और हमें रोका। उन्होंने हमारे परमिट वगैरह के बारे में कुछ नहीं पूछा। बस देखा कि हम गाय लेकर जा रहे हैं”।

अर्जुन ने कहा, “मैं दरवाजा खोलकर भाग गया। शाम के छह बजे के बाद की बात है। मैं पांच-छह किलोमीटर तक भागता रहा जब तक कि मैं एक ढाबे पर नहीं पहुंच गया। मैं अपना फोन और पर्स गाड़ी में भूल गया था। मैंने ढाबे से अपने चाचा गिरधारी लाल को रात के आठ बजे के करीब फोन किया और उन्हें सब बताया। वो करीब आधी रात को बहरोड़ पहुंचे।”

अर्जुन ने बताया कि उनके चाचा ने वापस लौटते समय उन्हें डॉक्टर के पास लेकर गए क्योंकि उनके कानों में दर्द हो रहा था। अर्जुन ने कहा कि इसके अलावा उन्हें कोई चोट नहीं लगी थी। इसके आगे अर्जून कहते हैं कि घर पहुंचने पर उन्होंने अपने घर वालों को इस घटना के बारे में कुछ नहीं बताया।

उन्होंने बताया कि उनके पिता जगदीश प्रसाद यादव किसान हैं। उनके पिता ने बताया कि वो इस घटना के बारे अधिक नहीं जानते। उन्होंने कहा कि अर्जुन ने उन्हें इसके बारे में घटना के अगली सुबह बताया था। उसके बाद उसके चाचा गिरधारी लाल ने उसकी नौकरी ओडिशा में लगवा दी।

बता दें कि पहलू खान हत्या मामले में अबतक 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 11 को जानवरों की अवैध तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया लगा है जबकि पांच को हमला और मारपीट के आरोप में।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए गौरक्षकों के नाम विपिन यादव, रविंद्र यादव, कालू राम यादव, दयानंद यादव और नीरज यादव है।

वहीं पुलिस का यह भी कहना है कि अन्य संदिग्धों भीम राठी और दीपक यादव को पकड़ने के लिए पांच हजार का इनाम घोषित किया है। यह पूछे जाने पर कि क्या पुलिस अर्जुन से मामले में पूछताछ के लिए संपर्क करेगी तो बहरोड़ के डीएसपी परमाल सिंह ने कहा कि अभी जांच चल रही है। फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता।

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