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BBA यूनिवर्सिटी में वाइवा में जाति की बुनियाद पर नंबर दिए जाने के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन जारी

लखनऊ: लखनऊ स्थित बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में 13 स्वर्ण छात्रों को जाति देख कर वाइवा में अधिक नंबर दिए जाने को लेकर बीएड विभाग में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है. पिछले 28 जनवरी को घोषित परीक्षा परिणाम में सवर्ण शिक्षकों द्वारा सजातीय छात्रों को वाइवा में सर्वाधिक अंक देकर टॉप कराए जाने के खिलाफ छात्र कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं.

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नेशनल दस्तक के अनुसार, प्रायः कक्षा से अनुपस्थित रहने वाले 13 स्वर्ण छात्रों को अधिक नंबर दिए गए, जिस बाबत उन्हें विभाग द्वारा नोटिस भी जारी की गई थी. परन्तु इन सब के बावजूद सवर्ण शिक्षिकों ने अपने चहेतों को बिना योग्यता देखे टॉप कराया. जिसके खिलाफ बहुजन छात्रों ने इस का पुरजोर विरोध किया.
यह भी खबर है कि बीएड विभाग के शिक्षकों के सह पर 3 फ़र्ज़ी टॉपर छात्रों ने अत्यन्त गरीब और मेहनती छात्र को जान से मारने की धमकी भी दी. इसके खिलाफ छात्रों ने तुरंत विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस को सूचित किया है.
इस से पहले 3 फरवरी को छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन में जबरदस्ती एक सवर्ण शिक्षिका शालिनी अग्रवाल आकर छात्रों को जातिसूचक शब्द और धमकी भी दी थी. इतना ही नहीं शिक्षिका शालिनी अग्रवाल ने षड्यंत्र के तहत 27 बहुजन छात्रों पर मारपीट और धमकी देने की फ़र्ज़ी FIR भी थाने में दर्ज करा दी.
इसके मद्दे नज़र विश्वविद्यालय प्रशासन ने जाति देखकर वाइवा में अंक दिए जाने के मामले में संज्ञान में लेते हुए 7 फरवरी और 22 फरवरी को नोटिस निकाल कर सभी टॉपर छात्रों का वाइवा पुनः कराने का आदेश दिया था. परंतु 1 मार्च और 3 मार्च को आयोजित वाइवा में विश्वविद्यालय प्रशासन के आदेश को ताक पर रखते हुए सभी टॉपर छात्रो ने दोबारा वाइवा नहीं दिया. जिस से स्पष्ट होता है कि वाइवा में जाति देखकर अंक दिया गया था. स्वर्ण शिक्षक-शिक्षिकाओं की मिलीभगत से कम अंक आने के भय से वाइवा का बहिष्कार किया गया.

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