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15 साल के रोहित राज भीम सेना के शिक्षा मंत्री हैं!

भीम सेना एकता मिशन के संस्थापक चंद्रशेखर आज़ाद ने साल 2014 में इसका गठन किया था। चंद्रशेखर के दलित पिता गोवर्धन दास एक हेडमास्टर थे जिन्हें स्कूल में उनकी जाति की वजह से अपमानित किया जाता था। स्टाफ रूम में पानी पीने के लिए अलग ग्लास इस्तेमाल करने को कहा जाता था। इसी भेदभाव और अन्याय को रोकने के लिए आज़ाद ने यह कदम उठाया।

दलितों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए भीम सेना ने बाबासाहेब के कथन के मुताबिक़ शिक्षित होने, संगठित होने और आंदोलन करने के लिए कई ट्यूशन सेंटर्स की भी शुरुआत की है।

दरअसल स्थानीय स्कूलों में दलित बच्चों के साथ भेदभाव और उपेक्षा की वजह से ऐसे कोचिंग सेंटर्स खोलने की सख्त ज़रूरत महसूस की जा रही थी।

कौन हैं रोहित राज?

भीम सेना 15 साल के रोहित राज को अपना शिक्षा मंत्री मानती है। हालाँकि रोहित अभी खुद हाई स्कूल में पढाई कर रहे हैं लेकिन वह भीम सेना के कोचिंग में दलित बच्चों के साथ-साथ अपने से बड़े लड़कों को भी पढ़ाते हैं।

रोहित का कहना है कि दलित काफी मेहनती होते हैं लेकिन उन्हें हर जगह उपेक्षा का शिकार होना पड़ता है।

दरअसल कुछ साल पहले दबंग जाति द्वारा गुरु रविदास की प्रतिमा पर काला रंग फेंकने वाली घटना ने रोहित को काफी छोटी उम्र में ही जाति संघर्ष के ज़हर का एहसास करा दिया। बाद इसके रोहित जाति आधारित भेदभाव के ख़िलाफ़ लड़ने के लिए भीम सेना में शामिल हो गए।

भीम सेना में शामिल रोहित जैसे छात्रों का कहना है कि दलित और बहुजनों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है लेकिन ब्राह्मणवादी ताकतें हमें आगे आने का मौका नहीं देतीं।

इसके अलावा भीम सेना सिर्फ दलित अधिकार के लिए ही काम नहीं करती बल्कि रक्तदान शिविरों का भी आयोजन करती है, साथ ही पुलिस के साथ मिलकर यातायात के बारे में जागरूकता भी फैलाती है।

रोहित कहते हैं, ‘डॉ अंबेडकर चाहते थे कि हम सहारनपुर दंगों जैसे हालात में इन्साफ के आगे आए और खुद के अधिकार के लिए लड़ाई करें। इसलिए 13 मई को न केवल दिल्ली में बल्कि पंजाब में भी भीम सेना ने दलितों की हिफाज़त न करने वाली योगी सरकार के खिलाफ ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन किया।

अब तक, ठाकुरों ने करीब  100 दलित घरों को जला दिया गया है। दलितों के घरों को पुलिस के सामने लुटा गया। इतना ही नहीं पुलिस ने खुद ठाकरों को दलितों का घर जलाने के लिए उकसाया जिससे योगी सरकार की विफलता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

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