Wednesday , October 18 2017
Home / Delhi News / नोटबंदी का सबसे ज़्यादा असर किसान और मज़दूरों पर पड़ा है: वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट

नोटबंदी का सबसे ज़्यादा असर किसान और मज़दूरों पर पड़ा है: वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट

नई दिल्ली: नोटबंदी के हवाले से वर्ल्ड बैंक ने अपने एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा है कि नोटबंदी का सबसे बुरा असर गरीबों और आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के लोगों पर पड़ा है, यह रिपोर्ट मोदी सरकार के उस दावे को झुट्लाती है जिसमें उन्होंने बार बार कहा कि इस फैसले का किसान और मजदूरों को फ़ायदा होगा. जबकि कुछ अर्थशास्त्रियों का कहना था कि इसका असर छह महीने बाद देखने को मिलेगा.

Facebook पे हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करिये

नेशनल दस्तक की खबर के मुताबिक वर्ल्ड बैंक का कहना है कि नोटबंदी का सबसे ज़्यादा असर कंस्ट्रक्शन और असंगठित खुदरा क्षेत्र में हुआ है। आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के ज्यादातर लोग इस सेक्टर में काम करते हैं। इस सेक्टर में काम की कमी और छंटनी की वजह से रोजगार पर नकारात्मक असर तो पड़ा ही है, ग्रामीण सेक्टर में चीजों की खपत और उपभोग भी घटा है। यह देश के 90 फ़ीसदी कामगारों को रोज़गार देता है, नोटबंदी का नकारात्मक असर सबसे ज्यादा इसी सेक्टर पर पड़ा है।

गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोग किसानी, छोटे खुदरा और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में काम करते हैं। जबकि इस सेक्टर में कैशलेस होने की क्षमता कम होती है, इसलिए इन पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है. इन सेक्टरों में नो नौकरियां गई हैं, उनमें से कईयों के पास अबतक कोई काम नहीं है, जबकि इसके अलावा टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स-ज्वैलरी सेक्टर भी सुस्त पड़े हुए है क्योंकि विकसित देशों की आयात मांग में कोई खास इजाफा नहीं हुआ है। सरकार पर हर ओर से रोजगार बढ़ाने का दबाव बढ़ रहा है। लेकिन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का कहना है कि बेरोजगारी की खबरें मीडिया की गढ़ी हुई हैं।

TOPPOPULARRECENT