Monday , September 25 2017
Home / India / केरल: हिन्दू और ईसाइयों के मुकाबले मुसलमानों की जन्म दर बेहतर

केरल: हिन्दू और ईसाइयों के मुकाबले मुसलमानों की जन्म दर बेहतर

केरल में मुस्लिम जन्म दर लगातार बढ़ रही है, जबकि हिंदुओं और ईसाइयों की जन्म दर में गिरावट आई है। अर्थशास्त्र और सांख्यिकी विभाग द्वारा तैयार किये गए आंकड़ों की एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।

आंकड़ों के मुताबिक राज्य में साल 2015 में जन्में कुल 5,16,013 जिन्दा बच्चों में से 42.87 प्रतिशत हिंदू समुदाय से, 41.45% मुस्लिम समुदाय और ईसाई समुदाय के लिए 15.42% थे।

साल 2006 में मुसलमानों की जन्म दर 35 प्रतिशत से बढ़कर 2015 में बढ़कर 41.45 हो गई। 2006 में हिंदू समुदाय ने 46 प्रतिशत की जन्म दर दर्ज की, जो 10 वर्षों में घटकर 42.87 प्रतिशत रह गई। ईसाई जन्म दर, जो हमेशा 20 प्रतिशत से नीचे है, 2006 में 17 प्रतिशत से 2015 में 15.42 प्रतिशत हो गई।

नौ साल की अवधि के दौरान, मुस्लिम जन्म दर में केवल दो बार गिरावट आई है। 2007 में, यह 35 प्रतिशत (2006) से 33.71% तक फिसल गई।

जन्म दर 2012 में गिरने से पहले एक स्थिर चढ़ाई दिखाती है, जब जन्म दर 38.21 प्रतिशत (2011) से घटकर 31.96 प्रतिशत हो गई।

साल 2010 और 2011 के बीच, मुस्लिम जन्म दर में मामूली सा अंतर था क्योंकि यह 2011 में 38.26 प्रतिशत (2010) से बढ़कर 38.21 प्रतिशत हो गई।

वर्ष 2006 से 2012 तक हिंदू जन्म दर नीचे की ओर बढ़ रही है। वर्ष 2006 में यह 46 प्रतिशत से घटकर 2012 में 38.99 प्रतिशत पर आ गई। साल 2013 में दर बढ़कर 44.08 प्रतिशत हो गई लेकिन 2015 तक यह 42.87 प्रतिशत रह गई।

वर्ष 2006 और 2015 के बीच ईसाइयों की उच्चतम जन्म दर 2012 में हुई थी जोकि 18.63 प्रतिशत तक पहुंच गई थी।

 

TOPPOPULARRECENT