Wednesday , July 26 2017
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ख़ुलासा: बिहार टॉपर घोटाले का मुख्य आरोपी BJP के टिकट से लड़ चुका है चुनाव

बिहार बोर्ड 12वीं के नतीजे आने के बाद से लगातार खुलासे हो रहे हैं । आर्ट का टॉपर फर्जीवाड़े के आरोप में गिरफ्तार होकर जेल पहुंच चुका है । लेकिन बिहार टॉपर घोटाला 2017 के असल सूत्रधार जवाहर प्रसाद सिंह बताए जा रहे हैं।

बिहार बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में कला वर्ग से टॉप करने वाले गणेश कुमार समस्तीपुर जिले के ताजपुर स्थित रामनंदन सिंह जगदीश नारायण इंटर विद्यालय से पास हुए हैं। इस विद्यालय के सचिव जवाहर प्रसाद सिंह और उनके बेटे व स्कूल के प्रिंसिपल अभितेन्द्र कुमार सिंह को पुलिस खोज रही है। जबकि पुलिस ने गणेश कुमार समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है ।

जवाहर प्रसाद सिंह का बीजेपी से करीबी नाता बताया जा रहा है। सिंह बीजेपी के टिकट पर लगातार दो बार 1985 और 1990 में कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। सिंह ने 1974 के जेपी आंदोलन में भी भाग लिया था। कहा जा रहा है कि जवाहर सिंह के कारनामों की खबर बीजेपी के कई नेताओं के साथ-साथ बिहार बीजेपी के अध्यक्ष नित्यानन्द राय को भी है।

बिहार से जुड़े हर घोटाले में राजद तथा जदयू के नेताओं के शामिल होने के आरोप पर लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार को घेरने वाले बीजेपी नेता जवाहर प्रसाद सिंह पर बोलने से परहेज कर रहे हैं।

बिहार बीजेपी के प्रवक्ता संजय टाइगर ने जवाहर प्रसाद सिंह पर लगे आरोपों पर कहा, ‘‘जदयू के लोग अपनी सरकार की कमजोर छिपाने के लिए उजूल-फजूल बात कर रहे हैं। हमने गिरफ्तार करने से किसी को रोका है क्या? पूरी बिहार सरकार घोटालेबाजों के चंगूल में है।’’
बीजेपी नेतृत्व टापर घोटाले के कथित सरगना जवाहर प्रसाद सिंह के खिलाफ कार्यवाई करने का मन बना रहा है कि नहीं? यह सवाल पूर्व बीजेपी विधायक टाइगर के लिए महत्व नहीं रखता। अगर बीजेपी सिंह के खिलाफ कार्रवाई न करे तो ये कोई नई बात नहीं होगी।
आरोप है कि जवाहर प्रसाद सिंह पढ़़ाई में कमज़ोर लड़कों को पास कराने का रैकेट पिछले कई वर्षों से चला रहे हैं। बिहार स्टेट परीक्षा समिति (बीएसईबी) के कर्मचारियों की मिली भगत से 12वीं पास कराने का यह धंधा बगैर किसी भय के चल रहा था।

हैरानी की बात ये है कि टापर घोटाला 2016 की तरह दोबारा घोटाला ना हो इसके लिए बीएसईबी की तथाकथित सघन जांच-पड़ताल के बाद भी जवाहर प्रसाद सिंह के विद्यालय पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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