Wednesday , August 23 2017
Home / Khaas Khabar / कांग्रेस ने फिर साधा पर्रिकर सरकार के सहयोगी दलों से सम्पर्क, लेकिन भाजपा ने किया खंडन

कांग्रेस ने फिर साधा पर्रिकर सरकार के सहयोगी दलों से सम्पर्क, लेकिन भाजपा ने किया खंडन

गोवा में भाजपा सरकार का तख्तापलटने की सुगबुगाहट फिर से तेज हो गई है। इसके लिए कांग्रेस ने मनोहर सरकार के सहयोगी दलों से मुलाकात की है। हालांकि भाजपा के दोनों सहयोगी दल गोवा फॉरवर्ड और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) ने इस तरह के किसी भी संभावना से इंकार किया है।

वहीं दूसरी तरफ इंडियन एक्सप्रेस ने कांग्रेस पार्टी के सूत्रों के हवाले से लिखा है कि कांग्रेस ने गोवा फॉरवर्ड पार्टी के संस्थापक सदस्य और मौजूदा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मंत्री विजय सरदेसाई और दो निर्दलीय विधायकों से संपर्क साधा है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस को समर्थन देने के लिए उन्होंने कुछ शर्तें रखी हैं।

खबरों के मुताबिक मार्च महीने में भी जब दोनों के बीच सरकार बनाने की बात चली थी तब भी इस पार्टी ने कांग्रेस के सामने इसी तरह के शर्तों को रखा था। पार्टी चाहती है कि लुइजिन्हो फलेरियो को निर्णय प्रक्रिया से अलग रखा जाए। बता दें कि फलेरियो दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उन्होंने ही चार फरवरी को हुए चुनाव में कांग्रेस के प्रचार अभियान का नेतृत्व किया था। लेकिन पार्टी के एक नेता सरदेसाई के साथ मनमुटाव के चलते 40 में से 17 सीट मिलने के बावजूद कांग्रेस की सरकार नहीं बन पाई थी।

वहीं दूसरी तरफ फलेरियो ने कहा है कि वह पार्टी के खातिर पद छोड़ने को तैयार है। उन्होंने कहा, “मैं पार्टी के लिए कोई भी पद छोड़ने को तैयार हूं। यदि कोई एक विधायक भी महसूस करता है कि हम सरकार बना सकते हैं और उसमें मेरा इस्तीफा मददगार होगा तो इसे किया जाए और मैं इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं।”

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस विधायक विश्वजीत राणे का इस्तीफा देकर पर्रिकर मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद कांग्रेस को सामान्य बहुमत के लिए पांच विधायकों की जरूरत है। फॉरवर्ड और एमजीपी के तीन-तीन विधायक हैं जबकि भाजपा और कांग्रेस के एक-एक विधायक ने अबतक इस्तीफा दे दिया है। देखा जाए तो गोवा फॉरवर्ड के तीन विधायकों और दो निर्दली विधायकों के समर्थन से यह संख्या पूरी हो सकती है।

हालांकि सरदेसाई का कहना है कि वो मनोहर पर्रिकर को धोखा नहीं देंगे। उन्होंने कहा, “पर्रिकर ने हमारे कहने पर दिल्ली में अपना मंत्रालय छोड़ दिया। मैं उन्हें कभी नहीं छोडूंगा। यह सरकार स्थिर है और अपना कार्यकाल पूरा करेगी।” दूसरी तरफ भाजपा ने भी तख्तापलट की खबर का खंडन किया है। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस के 10 विधायक उनके संपर्क में है और वे सभी भाजपा में शामिल होना चाहते हैं।

TOPPOPULARRECENT