Wednesday , September 20 2017
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UP में तेल चोरी का हुआ बड़ा खुलासा: करोड़ों कमाते हैं पेट्रोल पंप मालिक, लुटती है आम जनता

पेट्रोल चोरी का मामला कोई नया नहीं है। आज कल फिर इसकी चर्चा ज़ोरो पर है। ख़बर है कि रिमोट और चिप के जरिए प्रदेशभर के तमाम पेट्रोल पंप मालिक हर महीने पब्लिक को करीब 250 करोड़ रुपये की चपत लगा रहे हैं।

क्या है मामला?

पेट्रोल पंप पर चिप लगाने के आरोप में एसटीएफ के शिकंजे में आए राजेंद्र से हुई पूछताछ में यह खुलासा हुआ है। राजेन्द्र ने बताया कि उसके साथ सात और लोग इस गोरखधंधे से जुड़े हैं।

इन लोगों ने बीते सात साल के अंदर करीब 1000 से ज्यादा पेट्रोलपंप में ये डिवाइस लगाई हैं। राजेंद्र ने बताया कि प्रदेश के 80 प्रतिशत से अधिक पेट्रोलपंप पर यही खेल चल रहा है।

कितना है आंकड़ा?

औसतन शहरी इलाकों में एक पेट्रोल पंप पर महीने में 12 से 15 लाख और ग्रामीण इलाकों में छह से सात लाख रुपये की काली कमाई की जा रही है।

एसएसपी एसटीएफ अमित पाठक ने बताया कि मैं और एएसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी अपनी टीम के साथ कई महीनों से इस नेटवर्क पर काम कर रहे थे।

अमित पाठक ने बताया कि प्रदेशभर में करीब 6300 से अधिक पेट्रोलपंप हैं जिनमे से 80 प्रतिशत से अधिक पेट्रोलपंप पर यही खेल चल रहा है। इसकी जांच के लिए सभी जिलों को निर्देश भिजवाए जा रहे हैं। इसके अलावा ऑयल कंपनियों से भी सभी पेट्रोलपंपो की बिक्री और स्टॉक का ब्योरा मांगा जा रहा है।

एक पेट्रोलपंप पर औसतन प्रति लीटर पांच से छह प्रतिशत फ्यूल की कमी इस डिवाइस के जरिए हो रही थी। शहरी इलाके का एक पेट्रोलपंप हर दिन औसतन 40 से 50 हजार रुपये कमाए जा रहे है। पब्लिक को एक लीटर पेट्रोल के भुगतान के एवज में 900 या 925 एमएल फ्यूल ही मिल रहा है।

कैसे हुआ खुलासा?

एसटीएफ को अकेले सूबाई राजधानी में 18 पेट्रोलपंप में रिमोट और डिवाइस लगाने की जानकारी राजेंद्र ने दी थी। एसटीएफ के पास उस समय इतनी मैनपावर नहीं थी कि एक साथ इतने ठिकानों पर छापेमारी की जा सके। इसके अलावा ज्यादा लोगों को ऑपरेशन में शामिल करने से खबर लीक होने का भी डर था।

इसलिए एसटीएफ ने गुरुवार रात जब पहले पेट्रोलपंप पर छापा मारा तो वहां से दो लोग बाइक से दूसरे पेट्रोलपंपों को खबर देने के लिए भागे, लेकिन उन्हें रास्ते में ही पकड़ लिया गया।

एसटीएफ की पूछताछ में राजेंद्र ने कबूला कि वह सात साल से चिप लगा रहा था। उसके सात साथी हैं। इनमें से तीन के ठिकानों को एसटीएफ ने चिह्नित कर लिया है। उनकी तलाश में छापेमारी की जा रही है।

 

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