Wednesday , September 20 2017
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‘लव जिहाद’ के आरोप पर तमाचा, कोर्ट ने युवक को बाइज्ज़त बरी किया

दिल्ली की एक स्पेशल कोर्ट ने लड़की का धर्म परिवर्तन कर निकाह करने और रेप-अपहरण के आरोपों से एक शख्स को बरी कर दिया है।

इस मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा है कि मुस्लिम लॉ के तहत 14-15 साल की उम्र के बाद लड़की शादी कर सकती है।
फिर चाहे धर्मांतरण के बाद, लड़की भले ही 17 साल की हो, वह मुस्लिम लड़के से शादी करने के लिए सक्षम हो जाती है।

बता दें कि बीते साल ईस्ट दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके में स्थित पुलिस थाने में परिवार वालों ने नाबालिग लड़की की गुमशुदगी पर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी।

लड़की पिछले साल 9 जुलाई को अपने घर से लापता हुई थी। परिवार का कहना था, “उन्हें शक है कि कुछ अज्ञात लोगों ने उनकी बेटी को बहलाया है, जिसके बाद अपहरण का मामला दर्ज किया गया था।”

लेकिन लड़की ने धर्म परिवर्तन के बाद ‘निकाह’ करके उसी शख्स के साथ रहने लगी थी।

कोर्ट के सामने पेश किए गए दस्तावेजों के मुताबिक पांच महीने बाद लड़की को पश्चिम बंगाल से पिछले साल दिसंबर में बरामद किया गया और दोनों को पुलिस दिल्ली लेकर आई थी।

कोर्ट के रिकॉर्ड में ये बताया गया है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ अपहरण, विवाह के लिए मजबूर करने और पोस्को एक्ट की धारा 6 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।

लेकिन लड़की ने अपने बयान में कहा, “वह खुद से आरोपी के साथ गई थी और वह उससे शादी करना चाहती थी, लेकिन उसके परिवारवाले मान नहीं रहे थे। लड़की ने अपने बालिग़ होने का भी दावा किया।

जिसके बाद यह साबित हो गया था कि नाबालिग लड़की ने अपने परिवार का घर छोड़ कर आरोपी के साथ रिलेशन में प्रवेश किया। इसलिए अपहरण या यौन उत्पीड़न का ‘कोई अपराध नहीं’ माना जा सकता है।

 

 

 

 

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