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1965 की जंग के हीरो शहीद अब्दुल हमीद को सलाम, पुण्यतिथि पर पूरा देश कर रहा है याद

सन 1965 की जंग में पाकिस्तान को धूल चटाने वाले परमवीर चक्र विजेता शहीद अब्दुल हमीद की आज 52वीं पुण्यतिथि श्रद्धा-भावना से मनाई जा रही है। देश भर में लोग शहीद अब्दुल हमीद को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे है।

इस मौके पर शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए पूर्व कर्नल जेएस संधू ने बताया कि शहीद अब्दुल हमीद ने पाकिस्तान के तीन पैटन टैंकों को बड़ी बहादुरी के साथ तबाह कर दिया था। चौथे टैंक को नष्ट करते हुए उन्हें दुश्मनों की गोली लग गई जिसके कारण वह शहीद हो गए।

उन्होंने बताया कि गांव आसल उताड़ में हुई इस एतिहासिक जंग के दौरान भारतीय सेना के जवानों ने अमेरिका से तैयार किए पाकिस्तान के 100 के करीब पैटन टैंकों को तबाह किया था। जिसके कारण इस इलाके को दुनिया भर में पैटन टैंकों की कब्रगाह के तौर पर भी जाना जाता है।

बता दें कि कंपनी क्वार्टर मास्टर हवलदार अब्दुल हमीद भारतीय सेना की चार ग्रेनेडियर में एक सिपाही थे, जो 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान खेमकरण सैक्टर के आसल उत्ताड़ में लड़े गए युद्ध में अद्भुत वीरता का प्रदर्शन करते हुए देश के लिए शहीद हो गए थे। उनकी शहादत के बाद उन्हें भारत का सर्वोच्च सेना पुरस्कार परमवीर चक्र मिला।

शहीद अब्दुल हमीद के बेमिसाल हौसले से प्रेरित होकर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने दूरदर्शन के धारावाहिक परमवीर चक्र में हवलदार अब्दुल हमीद की भूमिका निभाई थी।

बता दें कि परमवीर चक्र विजेता अब्दुल हमीद का जन्म उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के धामूपुर गांव में 1 जुलाई 1933 को एक साधारण दर्जी परिवार में हुआ था। उनके पिता लांस नायक उस्मान फारुक़ी भी ग्रेनेडियर में एक जवान थे।

अब्दुल हमीद 27 दिसंबर 1954 को चार ग्रेनेडियर में भर्ती हुए, और अपने सेवा काल में सैन्य सेवा मेडल, समर सेवा मेडल और रक्षा मेडल हासिल किया था।

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