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भीड़ के हाथों हत्या से लोगों को बचाने के लिए सिविल सोसाइटी का सख्त कानून बनाने की मांग

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में भीड़ के हाथों पीट-पीटकर हत्या कर देने के कई मामले सामने आये हैं। अब देश की हालात के मद्देनजर लोगों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग तेज हो गई है।

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सिविल सोसाइटी के प्रसिद्ध हस्तियों के एक समूह ने इस सिलसिले में मानव सुरक्षा कानून (मासुका) बनाने की मांग की है। साथ ही भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मारे जाने को गैर जमानती अपराध की सूची में शामिल करने का मांग किया गया है। गौरतलब है कि हाल के दिनों में भीड़ के हमलों की असमान्य वृद्धि हुई है।

सिविल सोसायटी ने इस तरह के एक भी घटना होने पर संबंधित थाना के अधिकारी को निलंबित करने का प्रस्ताव भी पेश किया है। इसके अलावा मानव सुरक्षा कानून में भीड़, भीड़ द्वारा हत्या, अफवाह फैलाना, नफरत और इस तरह की आक्रामकता को समझाने की कोशिश की गई है।

भीड़ द्वारा हत्या के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाने वाले तहसीन पूनावाला ने समाचार 18 को बताया कि हत्या एक आम बात बन गई है, इसलिए तुरंत नए कानून की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि हमने भीड़ द्वारा हत्या को गैर जमानती अपराध में रखने का प्रस्ताव पेश किया है। साथ ही अपराध सिद्ध होने पर दोषी को उम्रकैद की सजा होनी चाहिए। इसके अलावा न्यायिक जांच होने तक क्षेत्र के संबंधित थानेदार को निलंबित कर दिया जाना चाहिए। क्योंकि अगर 100 लोगों की भीड़ किसी क्षेत्र में प्रवेश करती है और किसी की हत्या कर देती है। तो यह पुलिस की सहमति के बिना नहीं हो सकता।

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