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भाजपा शासित राज्य छत्तीसगढ़ में किसान ने फिर की ख़ुदकुशी

भाजपा शासित राज्यों में किसान आत्महत्या का सिलसिला जारी है. छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के पिपरिया थाना क्षेत्र के डेहरी गांव में कर्ज के बोझ से दबे किसान संतोष साहू ने जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी कर ली. अन्नदाता का शव बुधवार की दोपहर में गांव में ही ट्यूबवेल के पास पड़ा मिला. गुरुवार को कवर्धा पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने घटना की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि संतोष के परिवार में कुल 22 लोग बताए जा रहे हैं. परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य वही था.
पुलिस अधीक्षक ने आगे कहा कि किसान उस रविवार की शाम कुछ काम से एक रिश्तेदार के यहां गया था. अगले दिन सोमवार को वह गांव तो लौटा, लेकिन घर नहीं पहुंचा. दो दिन वह कहां रहा, किसी को नहीं पता. बुधवार की दोपहर में उसका शव गांव में ट्यूबवेल के पास देखा गया. घर में कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं होने के कारण बुधवार देर रात ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. गुरुवार की सुबह पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया.
पुलिस ने बताया कि मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है. किसान ने आत्महत्या का कारण अपने ऊपर कर्ज होना बताया है. उसने घरवालों को परेशान न किए जाने की बात भी लिखी है.
जानकारी मिली है कि किसान संतोष कर्ज से काफी परेशान था. उसने अपने खेत में गुड़ फैक्ट्री लगाई थी, जिसके लिए उसने अपना ढाई एकड़ खेत गिरवी रखा था. किसानों से गन्ना खरीदने के बाद वह उन्हें भुगतान नहीं कर पा रहा था. गुड़ की फैक्ट्री घाटे में भी चल रही थी. किसान ने अपने दोस्तों से भी उधार ले रखा था, जिसे वह चुका नहीं पा रहा था.
किसान ने जमीन डायवर्सन के लिए भी आवेदन किया था, लेकिन काम न होने से परेशान था. हालांकि उसके पास 11 एकड़ जमीन थी. किसान संतोष साहू छह भाई थे, सभी संयुक्त परिवार के रूप में रहते थे. संतोष साहू के परिवार में कुल 22 सदस्य थे, जिनके पालन-पोषण की जिम्मेदारी उसी के ऊपर थी. पुलिस हत्या और आत्महत्या, दोनों ही दृष्टि से घटना की विवेचना कर रही है.
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