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पांच दोस्त और 5 साल रहेंगे साथ-साथ, AIIMS के एंट्रेंस एग्ज़ाम में किया टॉप

पांच दोस्त जो देश के अलग-अलग राज्यों से एक सपना लिए कोटा आए थें, जिन्होंने पिछले दो साल एक साथ खाया-पिया, पढ़ा, मस्ती की, वह फिर से पॉंच साल एक साथ रहेंगे, वह भी भारत के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान एम्स दिल्ली में।

यह खबर है उन पांच दोस्तों की जिन्होंने एक साथ मिलकर ग्रुप स्टडी की और साथ में रणनीति बनाई देश के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सक संस्थान में प्रवेश पाने की।

इनमें निशिता पुरोहित (रैंक 1), हर्ष अग्रवाल (5 वीं), रिषभ राज (6), हर्षित आनंद (7) और अभिषेक डोगरा (9) ने एमबीबीएस 2017 परीक्षा के शीर्ष 10 में पांच स्थान हासिल किये हैं।

विभिन्न राज्यों से आए इन दोस्तों की मुलाकात दो साल पहले कोटा में हुई। निशिता गुजरात से है, हर्ष और हर्षित पश्चिम बंगाल, रिषभ बिहार और अभिषेक महाराष्ट्र से हैं। ये दोस्त किसी भी शीर्ष चिकित्सा संस्थान में एक सीट हासिल करने के सपने के साथ कोटा के लिए आये थें।

जब उन्हें पता चला कि किस्मत ने उनके लिए सर्वश्रेष्ठ का चयन कर रखा था। शीर्ष 10 में जो अन्य लोग हैं, उनके नाम है अर्चित गुप्ता (2), टामोना घोष (3), निपुन चन्द्र (4), रिंकू सरमा (8), अभिषेक डोगरा (9) और मनीष मूलचंदानी (10 वीं)।

जैसे ही गुरुवार की सुबह इनका रिजल्ट आया तो यह दोस्त आपस में बात कर एक दूसरे को बधाई दी और एक दूसरे के उत्साह को सदैव बनाए रखने का वायदा भी किया। पुरोहित ने परिणाम के बाद अपने सभी साक्षात्कारों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में अच्छों के साथ अध्ययन करने के महत्व को बताया।

उत्साहित, रिषभ राज, जोकि बिहार के छोटे से शहर से हैं, ने कहा कि रैंक ज्यादा मायने नहीं रखती है, आगे पुराने दोस्तों के साथ कई अच्छे दिन हैं। हमारा ग्रुप केवल सबसे ज्यादा तेज सवालों को हल करने वाले तक ही सीमित नहीं था बल्कि हम एक दूसरे के विश्वास को उस वक्त भी बनाए रखते थे जब कुछ दोस्त टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते थे।

उनकी उपलब्धि की भावना उस वक्त दोगुनी हो गई जब उनके शिक्षकों ने उनसे कहा कि एम्स के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि एक साथ पांच दोस्तों ने उसके प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की है।

पश्चिम बंगाल के आनंद बताते हैं कि कैसे पांचों दोस्तों को एक दूसरे से फायदा हुआ। हम क्लास में पढ़ाए जाने वाले विषयों को एक दिन पहले ही मिलकर पढ़ लेते थे और एक दूसरे के शंकाओं का यथासंभव समाधान भी कर लेते।

राज ने कहा कि उन्हें पता है कि एम्स से मेडिकल की पढ़ाई के बाद उनसे बहुतेरे उम्मीद ना केवल उनके परिवार और दोस्तों को है बल्कि पूरे देश को उनसे आस है और हम अपनी पूरी कोशिश करेंगे।

टॉपर निशिता पुरोहित, जो एक कार्डियक सर्जन बनना चाहती है, ने कहा, “मैं नीट में भी इसी तरह की रिजल्ट का उम्मीद कर रही हूं, लगभग एक दशक के बाद कोई छात्रा एम्स परीक्षा में शीर्ष पर रही है।

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