Wednesday , June 28 2017
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देश में दलितों के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में गुजरात के पत्रकार ने अवार्ड लौटाया

गुजरात में पत्रकार सुनील जाधव ने अपना ‘महात्मा फुले श्रेष्ठता दलित पत्रकार अवार्ड’ वापस लौटा दिया है। शुक्रवार को जाधव ने यह अवॉर्ड वापिस लौटाने का फैसला लिया। उन्होंने इसकी वजह राज्य में दलितों पर हुए अत्याचार को बताया है।

जाधव को साल 2011 में यह अवार्ड मिला था। अवॉर्ड के एक हिस्से के रूप में 25 हजार रुपये का चेक भी दिया गया था। जाधव अवॉर्ड वापस करने का फैसले लेने के बाद राजकोट में भीम आर्मी की रैली में भी शामिल हुए। रैली जिला कलेक्टर विक्रम पांडे के दफ्तर में आयोजित की गई थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक संगठन द्वारा दलितों के खिलाफ हुए कथित अत्याचार के मामलों को लेकर शिकायत कलेक्टर से की गई।

शिकायत में जाधव ने कहा, ‘केंद्र और राज्य सरकारें दलितों के खिलाफ हो रही हिंसा को रोक पाने में नाकाम हैं। मैं ऊना में दलितों के खिलाफ हुए अत्याचार के मामले को लेकर बहुत आहत हुआ था। वहीं हाल ही में सहारनपुर और शब्बीरपुर में दलितों के खिलाफ हुई हिंसा से भी बहुत आहत हूं।’

इस बीच जातीय हिंसा की घटनाओं की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने के लिए दायर की गई याचिका पर सुप्रीम ने शीघ्र सुनवाई से इंकार कर दिया है।

बता दें कि बीते साल गुजरात के ऊना में चार दलितों की सरेआम गाड़ी से बाधकंर पिटाई की गई थी। उन पर गौहत्या का आरोप लगाकर कथित गौ-रक्षकों ने पीटा था।

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